कानपुर, 3 सितंबर। दक्षिणी कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। गुरुवार को गोपालपुरम और जरौली फेज-2 के निचले हिस्सों में पानी भरने से करीब 25 परिवारों के फंसे होने की सूचना मिली। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
प्रशासनिक और पुलिस की टीमें भी प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं और लोगों की सुरक्षा पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों की प्राथमिकता जलभराव में फंसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है।
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से बढ़ी परेशानी
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण दक्षिणी कानपुर के निचले इलाकों में पानी तेजी से पहुंचा। गोपालपुरम और जरौली फेज-2 के प्रभावित हिस्सों में कई घरों के आसपास जलभराव की स्थिति बन गई। करीब 25 परिवारों के पानी के बीच फंसे होने की सूचना के बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया।
NDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और राहत एवं बचाव टीमों के निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों ने देर रात किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
इससे पहले बुधवार देर रात संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह और तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने पांडु नदी के जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों से बातचीत की तथा जलभराव की स्थिति की जानकारी ली।
अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। साथ ही जरूरत को देखते हुए राहत किट की व्यवस्था भी कराई गई। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
पुल के ऊपर से बहने लगा नदी का पानी
गुरुवार को ग्राम पनका बहादुर नगर में भौती-पनका संपर्क मार्ग स्थित पुल के ऊपर से भी पांडु नदी का पानी बहने लगा। पानी का बहाव बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर बैरिकेडिंग करा दी और आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया।
स्थानीय पुलिस को मौके पर तैनात कर दिया गया है। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति को पुल से आवागमन की अनुमति न दी जाए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बंद किए गए मार्ग का इस्तेमाल करने की कोशिश न करें और सुरक्षित रास्तों से ही आवागमन करें।
पुल के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में वाहन और पैदल यात्री दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा समय रहते रास्ता बंद किए जाने को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे आयोग के सदस्य
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने भी जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मायापुरम और रविदासपुरम पहुंचकर प्रभावित लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
उन्होंने लोगों से सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। जलभराव वाले क्षेत्रों में रह रहे लोगों को नजदीकी बाढ़ आश्रय स्थल श्री विशम्भर नाथ ठाकुर इंटर कॉलेज में पहुंचने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। राहत केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी भी की गई है।
बाढ़ आश्रय स्थल पर शुरू हुआ कम्युनिटी किचन
जलभराव प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए बाढ़ आश्रय स्थल पर कम्युनिटी किचन का संचालन शुरू कर दिया गया है। यहां प्रतिदिन करीब 400 लोगों के लिए भोजन तैयार कराया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। राहत केंद्र में पहुंचने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी है। NDRF के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें भी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
जलस्तर पर लगातार रखी जा रही नजर
पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का जायजा ले रही हैं। नदी के जलस्तर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने की तैयारी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
फिलहाल NDRF और प्रशासन की टीमें प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और राहत कार्य में जुटी हैं। प्रशासन का प्रयास है कि जलभराव के कारण किसी तरह की जनहानि न हो और प्रभावित लोगों को समय पर सुरक्षित स्थान, भोजन तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।