अमरोहा के मंडी धनौरा क्षेत्र में खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते समय किसान गजेंद्र जाटव की तबीयत बिगड़ गई। मेरठ में उपचार के दौरान मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।

प्रकाशित तिथि: 25 सितंबर 2026

अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते समय जहरीले असर से एक किसान की मौत हो गई। मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के जेथल मुस्तकम गांव निवासी 50 वर्षीय किसान गजेंद्र जाटव की बुधवार को खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उपचार के दौरान शुक्रवार तड़के उनकी मौत हो गई।

खेत में छिड़काव के दौरान बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, गजेंद्र जाटव बुधवार को अपने खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत खराब होने पर परिजन उन्हें स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे।

स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान शुक्रवार तड़के गजेंद्र जाटव की मौत हो गई।

पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण

मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी सत्येंद्र सिरोहा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि हो सकेगी।

पुलिस के अनुसार फिलहाल मौत के कारण को लेकर अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही होगी।

कीटनाशकों के इस्तेमाल से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम फिर चर्चा में

गजेंद्र जाटव की मौत के बाद खेतों में कीटनाशकों के इस्तेमाल से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी जोखिम एक बार फिर चर्चा में हैं। कृषि क्षेत्र में इनके अनियंत्रित इस्तेमाल को लेकर विशेषज्ञ लंबे समय से किसानों के स्वास्थ्य के साथ-साथ मिट्टी, जल और खाद्य पदार्थों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताते रहे हैं।

कीटनाशकों के अवशेष फसलों, फल और सब्जियों के जरिए खाद्य श्रृंखला में पहुंच सकते हैं। इनके अत्यधिक इस्तेमाल से भूजल और जलस्रोतों के प्रदूषित होने की आशंका भी बताई जाती है।

इसके अलावा दुधारू पशुओं द्वारा कीटनाशकयुक्त चारा या भूसा खाने की स्थिति में इनके अवशेष दूध तक पहुंचने का जोखिम भी बताया जाता है।

सुरक्षित कृषि पद्धतियों पर जोर

भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष कैलाश गुर्जर ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने की कोशिश में रासायनिक कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल पर पुनर्विचार की जरूरत है। उन्होंने किसानों को सुरक्षित कृषि पद्धतियों और कीटनाशकों के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति जागरूक किए जाने पर जोर दिया।

ग्रामीण बीमारियों के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग

ग्राम प्रधान संघ उत्तर प्रदेश से जुड़े वरिष्ठ नेता नरेंद्र कटारिया ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही गंभीर बीमारियों के आंकड़े सार्वजनिक किए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर, सांस संबंधी बीमारियों और कीटनाशकों के संभावित दुष्प्रभावों से जुड़े मामलों का सर्वे कराकर उसके आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए। उनका कहना है कि इससे समस्या की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और उसके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।

फिलहाल गजेंद्र जाटव की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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