काठमांडू, 29 सितंबर 2026 | Baghpat Wire

नेपाल आगामी सर्दियों में बिजली की संभावित कमी से निपटने के लिए भारत से 1,154 मेगावाट बिजली आयात करेगा। हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल में घरेलू बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। ऐसे में देश में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए भारत से बिजली आयात करने की योजना बनाई गई है।

नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के अनुसार, आगामी शुष्क मौसम में नदियों का जलस्तर घटने से जलविद्युत उत्पादन में कमी आने की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण ने भारत से बिजली आयात की व्यवस्था की है, ताकि सर्दियों के दौरान उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

भारत से अलग-अलग मार्गों से आएगी बिजली

नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ ने बताया कि भारत से कुल 1,154 मेगावाट बिजली आयात करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए विभिन्न ट्रांसमिशन लाइनों और मार्गों का इस्तेमाल किया जाएगा।

योजना के तहत धल्केबर-मुजफ्फरपुर ट्रांसमिशन लाइन के जरिए 600 मेगावाट बिजली आयात की जाएगी। इसके अलावा टनकपुर-महेंद्रनगर मार्ग से 54 मेगावाट और बिहार के विभिन्न ट्रांसमिशन बिंदुओं के माध्यम से 350 मेगावाट बिजली नेपाल को मिलेगी।

वहीं, आरटीसी के जरिए भी 150 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इन सभी स्रोतों से बिजली प्राप्त होने के बाद नेपाल को सर्दियों के दौरान बिजली की मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।

सर्दियों में घट सकता है घरेलू बिजली उत्पादन

नेपाल में बिजली उत्पादन का बड़ा हिस्सा जलविद्युत परियोजनाओं पर निर्भर है। शुष्क मौसम के दौरान नदियों में पानी का स्तर कम होने से बिजली उत्पादन भी घट जाता है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुमान के मुताबिक, आगामी शुष्क मौसम में देश का घरेलू बिजली उत्पादन घटकर 1,218 मेगावाट रह सकता है।

ऐसी स्थिति में भारत से आयातित बिजली नेपाल के लिए महत्वपूर्ण होगी। घरेलू उत्पादन और भारत से मिलने वाली बिजली को मिलाकर देश में कुल 2,372 मेगावाट बिजली उपलब्ध होने का अनुमान है।

पिछले वर्ष नेपाल में बिजली की अधिकतम मांग 2,292 मेगावाट दर्ज की गई थी। इस आंकड़े के आधार पर प्राधिकरण को उम्मीद है कि भारत से बिजली आयात की व्यवस्था के जरिए आगामी सर्दियों में बिजली की मांग पूरी करने में सहायता मिलेगी।

बाढ़ से 430 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित

नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ ने बिजली उत्पादन को भी प्रभावित किया है। 27 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ के कारण लगभग 430 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।

बाढ़ और भूस्खलन से बिजली उत्पादन पर पड़े इस प्रभाव के चलते आगामी सर्दियों में बिजली आपूर्ति बनाए रखना नेपाल के लिए चुनौती बन सकता है। घरेलू उत्पादन में संभावित गिरावट के साथ-साथ प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं की स्थिति भी बिजली की उपलब्धता पर असर डाल सकती है।

नेपाल विद्युत प्राधिकरण के सामने ऐसी परिस्थितियों में बिजली की उपलब्धता और उपभोक्ताओं की मांग के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। इसी कारण भारत से बिजली आयात की व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

750 मेगावाट की आंतरिक कमी के बावजूद आपूर्ति का लक्ष्य

नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, आगामी शुष्क मौसम में बिजली की आंतरिक कमी लगभग 750 मेगावाट तक पहुंच सकती है। इसके बावजूद भारत से आयातित बिजली का प्रभावी प्रबंधन करके उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

भारत से विभिन्न ट्रांसमिशन मार्गों के जरिए बिजली मिलने से नेपाल को घरेलू उत्पादन में आने वाली कमी की भरपाई करने में मदद मिलेगी। प्राधिकरण का उद्देश्य सर्दियों के दौरान बिजली कटौती से बचना और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है।

नेपाल में जलविद्युत उत्पादन पर मौसमी परिस्थितियों का सीधा प्रभाव पड़ता है। गर्मियों और मानसून के दौरान नदियों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से बिजली उत्पादन अधिक रहता है, जबकि सर्दियों में जलस्तर घटने के कारण उत्पादन कम हो जाता है।

ऐसे में भारत से बिजली आयात नेपाल की मौसमी बिजली जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्राधिकरण की योजना के अनुसार, विभिन्न ट्रांसमिशन मार्गों से बिजली प्राप्त कर आगामी सर्दियों में संभावित कमी को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा।

भारत से बिजली आयात की यह व्यवस्था नेपाल को सर्दियों में बिजली की मांग पूरी करने और बाढ़ के कारण प्रभावित हुए घरेलू उत्पादन के असर को कम करने में मदद कर सकती है।

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