प्रकाशन तिथि: 29 सितंबर 2026 | Baghpat Wire

वाशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव कम करने की दिशा में एक नई पहल हुई है। दोनों देशों ने करीब 30-30 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क कम करने की रूपरेखा पर सहमति जताई है। इस व्यवस्था के तहत दोनों देश एक-दूसरे के चुनिंदा उत्पादों को अधिक अनुकूल शुल्क व्यवस्था देने पर विचार करेंगे। हालांकि, इस समझौते के तहत तत्काल शुल्क में कटौती नहीं होगी। शुल्क में किसी भी तरह की कमी दोनों देशों की घरेलू कानूनी प्रक्रियाओं और आवश्यक मंजूरी के बाद ही लागू की जाएगी।

यह सहमति पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वाशिंगटन में हुई बैठक के बाद बनी है। दोनों देशों ने इस पहल को ‘30-फॉर-30’ नाम दिया है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच वाणिज्यिक संबंधों को बेहतर बनाना है।

इस रूपरेखा को लागू करने के लिए अमेरिका और चीन ने एक नए व्यापार बोर्ड के गठन पर सहमति जताई है। यह बोर्ड दोनों देशों के बीच व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा करेगा और शुल्क में संभावित कटौती सहित अन्य वाणिज्यिक व्यवस्थाओं पर विचार करेगा।

30-30 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क घटाने की तैयारी

अमेरिका और चीन के बीच बनी रूपरेखा में दोनों देशों के करीब 30-30 अरब डॉलर के आयात को शामिल किया गया है। इसके तहत दोनों देशों ने ऐसे उत्पादों की सूची तैयार की है, जिन पर भविष्य में कम शुल्क लगाने की संभावना पर विचार किया जाएगा।

व्हाइट हाउस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, चीन के 77 उत्पादों और अमेरिका के 1,600 से अधिक उत्पादों को इस संभावित शुल्क व्यवस्था में शामिल किया गया है। दोनों देशों ने समान मूल्य के सामान के व्यापार को ध्यान में रखते हुए इन सूचियों को तैयार किया है।

हालांकि, उत्पादों की सूची में शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि उन पर शुल्क तत्काल कम कर दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित देशों की कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। इसके बाद ही किसी उत्पाद पर शुल्क में कटौती का फैसला लागू हो सकेगा।

चीन के किन उत्पादों को मिल सकती है राहत?

व्हाइट हाउस की ओर से जारी सूची में चीन के कई उपभोक्ता उत्पादों को शामिल किया गया है। इनमें पटाखे, रसोई में इस्तेमाल होने वाले सामान, टॉर्च, बेसबॉल, सॉफ्टबॉल और मछली पकड़ने के कांटे प्रमुख हैं।

इन उत्पादों को संभावित शुल्क कटौती के लिए चुना गया है। यदि संबंधित प्रक्रियाओं के बाद इन पर शुल्क कम किया जाता है, तो अमेरिकी बाजार में इन चीनी उत्पादों के आयात को अधिक अनुकूल शुल्क व्यवस्था मिल सकती है।

इस सूची में रोजमर्रा के उपयोग और खेलकूद से जुड़े उत्पादों को भी जगह दी गई है। इससे स्पष्ट है कि प्रस्तावित व्यवस्था में केवल औद्योगिक सामान ही नहीं, बल्कि उपभोक्ता वस्तुओं को भी शामिल किया गया है।

अमेरिका के 1,600 से अधिक उत्पाद सूची में शामिल

चीन की ओर से संभावित शुल्क राहत के लिए अमेरिकी उत्पादों की एक विस्तृत सूची तैयार की गई है। इसमें कृषि उत्पादों और खाद्य पदार्थों की बड़ी संख्या शामिल है।

व्हाइट हाउस की सूची के अनुसार, अमेरिकी उत्पादों में पोल्ट्री, डेयरी उत्पाद, नूडल्स, अंडे, मूंगफली, डिब्बाबंद टमाटर, शुद्ध नस्ल के प्रजनन घोड़े और रेशम जैसे सामान शामिल हैं।

इन उत्पादों को चीन में अधिक अनुकूल शुल्क व्यवस्था देने पर विचार किया जाएगा। सूची में 1,600 से अधिक अमेरिकी उत्पाद शामिल हैं। हालांकि, इन सभी उत्पादों पर शुल्क कम करने का अंतिम फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही होगा।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा है कि इस व्यवस्था से चीन में अमेरिकी निर्यात के करीब 30 प्रतिशत हिस्से के लिए बाजार पहुंच में सुधार होगा। उनके अनुसार, इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को भी लाभ मिल सकता है।

अमेरिका-चीन व्यापार बोर्ड करेगा समझौते की निगरानी

इस नई व्यापारिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका और चीन ने द्विपक्षीय व्यापार बोर्ड बनाने पर सहमति जताई है। इस बोर्ड में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

अमेरिका की ओर से वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर इसका नेतृत्व करेंगे। वहीं, चीन की ओर से उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग प्रतिनिधित्व करेंगे।

इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बेहतर बनाना और वाणिज्यिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर विचार करना होगा।

बोर्ड के माध्यम से दोनों देश शुल्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकेंगे। इसके अलावा, व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने और नए उत्पादों को संभावित शुल्क राहत की सूची में शामिल करने जैसे विषयों पर भी विचार किया जा सकता है।

हर तीन महीने में होगी वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक

समझौते के तहत अमेरिका और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक कम से कम हर तीन महीने में एक बार होने की उम्मीद है। वहीं, दोनों देशों के कनिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से बैठक करेंगे।

इन बैठकों का उद्देश्य व्यापारिक मुद्दों पर लगातार संवाद बनाए रखना और समझौते को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा करना होगा।

दोनों देशों ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में उत्पादों की सूची में बदलाव किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उत्पादों को भी संभावित शुल्क राहत के दायरे में शामिल किया जा सकता है।

इसके साथ ही कृषि सहित अन्य व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा के लिए अलग-अलग कार्य समूह गठित किए जाने की संभावना भी जताई गई है।

तत्काल शुल्क कटौती नहीं, कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा फैसला

अमेरिका और चीन के बीच बनी इस रूपरेखा का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे तत्काल किसी उत्पाद पर शुल्क कम नहीं होगा। दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि शुल्क में बदलाव उनकी घरेलू कानूनी प्रक्रियाओं के अधीन होगा।

इसका मतलब है कि फिलहाल दोनों देशों ने संभावित शुल्क कटौती के लिए उत्पादों की पहचान और प्रक्रिया पर सहमति जताई है। वास्तविक शुल्क दरों में बदलाव के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इसलिए 30-फॉर-30 रूपरेखा को तत्काल शुल्क कटौती के बजाय भविष्य में व्यापारिक सहयोग बढ़ाने की एक व्यवस्था के रूप में देखा जा सकता है।

व्यापारिक संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में पहल

अमेरिका और चीन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। दोनों देशों के बीच व्यापारिक नीतियों और आयात शुल्क से जुड़े फैसलों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।

नई रूपरेखा के तहत दोनों देश करीब 30 अरब डॉलर के सामान के व्यापार को ध्यान में रखते हुए शुल्क में संभावित राहत पर विचार करेंगे। इससे कृषि उत्पादों, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं के व्यापार को लेकर नई संभावनाएं बन सकती हैं।

हालांकि, इस पहल का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों देश अपनी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत कितने उत्पादों पर शुल्क में कटौती को मंजूरी देते हैं और इसे कब लागू करते हैं।

फिलहाल दोनों देशों ने व्यापारिक संवाद जारी रखने और भविष्य में अतिरिक्त उत्पादों को शामिल करने की संभावना खुली रखी है। नए व्यापार बोर्ड के माध्यम से इस दिशा में आगे की बातचीत की जाएगी।

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