29 सितंबर 2026 | Baghpat Wire
वाशिंगटन: ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड सैन्य हवाईअड्डे के पास सप्ताहांत में हुई घटना को लेकर अमेरिका ने गंभीर चिंता जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया है कि इस घटना में किसी विदेशी ताकत का हाथ है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी और जानकारियां सामने आएंगी। इस घटना के सिलसिले में ब्रिटिश पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ब्रिटेन में हुई इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे बेहद गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि इसमें स्पष्ट रूप से किसी विदेशी ताकत की भूमिका है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी देश या संगठन का नाम नहीं लिया।
मार्को रुबियो ने क्या कहा?
मार्को रुबियो ने ब्रिटेन के फेयरफोर्ड सैन्य हवाईअड्डे के पास हुई घटना को गंभीर बताते हुए ब्रिटिश अधिकारियों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने इस मामले में अमेरिका की मदद की है, जिसके लिए वह उसका धन्यवाद करते हैं।
रुबियो ने साक्षात्कार में कहा, ‘‘ब्रिटेन में सप्ताहांत में जो हुआ वह बहुत गंभीर स्थिति है। इसमें साफ तौर पर किसी विदेशी ताकत का हाथ है। मैं ब्रिटेन को उनके सहयोग और मदद के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। आने वाले दिनों में इस बारे में और भी बहुत सी खबरें सामने आएंगी।’’
उनके इस बयान के बाद घटना में विदेशी ताकत की कथित भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
विस्फोटक अधिनियम के तहत पांच लोग हिरासत में
ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड सैन्य हवाईअड्डे के पास हुई घटना के संबंध में रविवार को पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया था। इन सभी को विस्फोटक अधिनियम के तहत अपराधों के संदेह में पकड़ा गया था।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी पांच लोग ब्रिटिश नागरिक हैं। उनकी उम्र 23 से 25 वर्ष के बीच है और वे सभी लंदन में रहते हैं।
हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों को अगले दिन जमानत पर रिहा कर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उन्हें विस्फोटक अधिनियम के तहत संदिग्ध अपराधों के सिलसिले में हिरासत में लिया था।
अमेरिकी विदेश मंत्री के विदेशी ताकत की भूमिका संबंधी बयान और पुलिस की कार्रवाई के बीच संबंध को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हिरासत में लिए गए पांचों लोगों की नागरिकता और जमानत पर रिहाई की जानकारी सामने आई है, लेकिन उनकी कथित भूमिका के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया गया है।
क्या है आरएएफ फेयरफोर्ड सैन्य हवाईअड्डे की अहमियत?
ब्रिटेन स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड अमेरिका के सैन्य अभियानों के लिहाज से महत्वपूर्ण हवाईअड्डा है। यह यूरोप में एकमात्र ऐसा अमेरिकी सैन्य हवाईअड्डा है, जिसका नियमित इस्तेमाल रणनीतिक बमवर्षक विमानों के लिए किया जाता है।
इस हवाईअड्डे का इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य विमानों की तैनाती और रणनीतिक अभियानों के लिए किया जाता रहा है। ऐसे में यहां हुई किसी भी संदिग्ध गतिविधि को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
फेयरफोर्ड हवाईअड्डे का सामरिक महत्व होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था और इससे जुड़ी घटनाओं पर अमेरिका तथा ब्रिटेन दोनों की नजर रहती है।
ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान से भी जुड़ा है हवाईअड्डा
आरएएफ फेयरफोर्ड हवाईअड्डा हाल के महीनों में अमेरिका के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के संदर्भ में भी चर्चा में रहा है।
ब्रिटिश अधिकारियों ने मार्च में अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए इस हवाईअड्डे का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। हालांकि, ब्रिटेन ने स्पष्ट किया था कि अमेरिकी विमान यहां से केवल रक्षात्मक अभियानों के लिए उड़ान भर सकते हैं।
इस व्यवस्था के बाद हवाईअड्डे के इस्तेमाल को लेकर ब्रिटेन और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। वहीं, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के विरोध में पहले भी हवाईअड्डे के आसपास प्रदर्शन हो चुके हैं।
हवाईअड्डे के पास पहले भी हो चुके हैं विरोध प्रदर्शन
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ ब्रिटेन में पहले भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं। आरएएफ फेयरफोर्ड के आसपास भी अमेरिकी हमलों के विरोध में प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के लिए हवाईअड्डे के इस्तेमाल की अनुमति मिलने के बाद यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है। ब्रिटेन ने अमेरिकी विमानों के इस्तेमाल को रक्षात्मक अभियानों तक सीमित रखने की बात कही थी।
हालांकि, सप्ताहांत में हुई घटना का विरोध प्रदर्शनों या ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान से सीधा संबंध होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
जांच और आगे की जानकारी पर टिकी नजर
फेयरफोर्ड सैन्य हवाईअड्डे के पास हुई घटना को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान ने मामले को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिये से महत्वपूर्ण बना दिया है। उन्होंने विदेशी ताकत की भूमिका का दावा किया है, लेकिन इसके समर्थन में कोई विस्तृत साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया है।
दूसरी ओर, ब्रिटिश पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लेने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया है। ऐसे में मामले की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।
रुबियो ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस घटना को लेकर और जानकारियां सार्वजनिक हो सकती हैं। फिलहाल, घटना में विदेशी ताकत की कथित भूमिका, हिरासत में लिए गए लोगों की वास्तविक संलिप्तता और घटना के पीछे के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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