उत्तर प्रदेश, 26 अगस्त 2026। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त रोडवेज बस यात्रा योजना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्यकाल समाप्त होने के समय इस तरह की योजनाएं लाई जा रही हैं और इनके पीछे चुनावी लाभ लेने की कोशिश नजर आती है।
इकरा हसन ने कहा कि महिलाओं को सुविधाएं और अधिकार देना जरूरी है, लेकिन केवल चुनाव के समय योजनाओं की घोषणा करने से महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य पूरा नहीं होता। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि महिलाओं के लिए रोजगार, सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में स्थायी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।
चुनावी लाभ के लिए योजनाएं लाने का आरोप
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार का कार्यकाल अब समाप्ति की ओर है और इसी वजह से जनता को आकर्षित करने वाली योजनाएं सामने लाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं के हित में ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिनका लाभ उन्हें लंबे समय तक मिल सके।
इकरा हसन ने मुफ्त बस यात्रा योजना को लेकर कहा कि महिलाओं को राहत देना अच्छी बात है, लेकिन सरकार की योजनाओं का मूल्यांकन उनके व्यापक प्रभाव के आधार पर किया जाना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण पर उठाए सवाल
सपा सांसद ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर भी सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को वास्तव में सशक्त बनाने के लिए उन्हें शिक्षा, रोजगार, सुरक्षित माहौल और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि महिला सशक्तिकरण प्राथमिकता है तो महिलाओं के लिए रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ाने पर भी उतना ही ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
मुफ्त बस यात्रा योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की गई है। योजना का उद्देश्य वरिष्ठ महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में राहत देना और उनकी यात्रा को आसान बनाना बताया गया है।
इस योजना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। विपक्षी दल जहां इसे सरकार की चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से योजनाओं को जनहित में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इकरा हसन के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है।














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