23 सितंबर 2026 | मेरठ
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बुधवार को भाजपा सांसद अरुण गोविल, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, मेयर हरिकांत अहलूवालिया और महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेंट्रल मार्केट की कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों और परिवारों के पुनर्वास को लेकर कई घोषणाएं की गईं। प्रभावित लोगों को दुकान और मकान उपलब्ध कराने की बात कही गई।
प्रभावित दुकानदारों को न्यूनतम किराए पर दुकान देने का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया गया कि जिन दुकान मालिकों और किरायेदारों की दुकानें कार्रवाई में चली गई हैं, उन्हें न्यूनतम किराए पर दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस घोषणा का उद्देश्य कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों को दोबारा कारोबार शुरू करने के लिए जगह उपलब्ध कराना बताया गया है।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की भी घोषणा
सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई से जिन लोगों के घर प्रभावित हुए हैं, उनके पुनर्वास के लिए नए घर उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
घोषणा के मुताबिक प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी और उन्हें नए घर देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
छह महीने में दुकान और मकान तैयार करने का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि अगले छह महीने में दुकानें और पुनर्वास के मकान तैयार किए जाएंगे। इसके बाद प्रभावित लोगों को दुकानों और मकानों का आवंटन शुरू किए जाने की बात कही गई।
अब इस घोषणा के बाद प्रभावित दुकानदारों और परिवारों की नजर इस बात पर है कि पुनर्वास की यह प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर किस तरह आगे बढ़ती है।
अनधिकृत निर्माणों पर भी कार्रवाई का मुद्दा
मेरठ में बड़ी संख्या में अवैध और अनधिकृत निर्माणों को लेकर भी कार्रवाई का मुद्दा चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण की कार्रवाई और अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
सेंट्रल मार्केट की कार्रवाई के बाद अब मेरठ में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ आगे होने वाली कार्रवाई को लेकर भी चर्चा तेज है।
छह महीने में पूरा होगा पुनर्वास?
सेंट्रल मार्केट के प्रभावित दुकानदारों और परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल पुनर्वास को लेकर है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में छह महीने के भीतर दुकानें और मकान तैयार करने की घोषणा की गई है।
अब देखना होगा कि घोषित समयसीमा के भीतर दुकानों और मकानों का निर्माण पूरा होता है या नहीं और इसके बाद प्रभावित लोगों को उनका आवंटन किस प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई और पुनर्वास को लेकर की गई घोषणाओं के बीच मेरठ में आगे की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।















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