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हिमाचल में फिर रौद्र रूप में मानसून: 112 सड़कें बंद, 138 ट्रांसफार्मर ठप; 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

शिमला, 22 अगस्त 2026। हिमाचल प्रदेश में दो-तीन दिनों की राहत के बाद मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार सुबह से शिमला, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 112 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे यातायात और जनजीवन प्रभावित हुआ है।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से सड़क बंद

8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को प्रदेश के कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, सोलन और शिमला जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

वहीं चंबा, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले 24 घंटे में धर्मशाला में 68 मिमी, नगरोटा सूरियां में 60 मिमी, कांगड़ा में 51 मिमी और सुजानपुर टीहरा में 38 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार 23 से 28 अगस्त के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

मंडी और कुल्लू में सबसे ज्यादा असर

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार बारिश और भूस्खलन से सबसे ज्यादा असर सड़क नेटवर्क पर पड़ा है।

प्रदेश में बंद 112 सड़कों में से:

  • मंडी में 46 सड़कें
  • कुल्लू में 32 सड़कें

बंद हैं।

इसके अलावा बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में कुल 138 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं। इनमें मंडी में 42, सिरमौर में 40, हमीरपुर में 31, कुल्लू में 21 और चंबा में 12 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।

35 पेयजल योजनाएं प्रभावित

भारी बारिश का असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। राज्य में 35 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें अकेले हमीरपुर की 30 योजनाएं शामिल हैं।

प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में सेवाओं को जल्द बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं।

मानसून में अब तक 221 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक घटनाओं से भारी जन-धन की क्षति हुई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 221 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 87 पक्के-कच्चे मकान, 15 दुकानें और 322 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 361 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

₹1,110 करोड़ का नुकसान

मानसून से जुड़ी आपदाओं के कारण प्रदेश को अब तक करीब ₹1,110 करोड़ का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। इसमें अकेले लोक निर्माण विभाग (PWD) को करीब ₹825 करोड़ का नुकसान बताया गया है।

लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सेवाओं पर दबाव बना हुआ है।

प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील

मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से संवेदनशील इलाकों, भूस्खलन संभावित मार्गों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है। लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और मौसम तथा स्थानीय प्रशासन के अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

फिलहाल मंडी और कुल्लू समेत कई जिलों में बारिश और भूस्खलन के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता बंद सड़कों को खोलने और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाओं को बहाल करना है।

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