शाहजहांपुर, 27 अगस्त। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में नगर निगम के पार्षदों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वायरल वीडियो में कुछ पार्षद हाथ में जल लेकर नगर निगम से होने वाली आय को सभी 60 पार्षदों के बीच बराबर बांटने की शपथ लेते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने वायरल वीडियो में नजर आ रहे 10 से अधिक भाजपा पार्षदों को नोटिस जारी किया है। सभी से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
नोटिस में पार्षदों से पूछा गया है कि हाथ में जल लेकर शपथ लेने वाला वायरल वीडियो कब का है और इस शपथ के पीछे उनकी मंशा क्या थी। इसके अलावा वीडियो में कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। भाजपा महानगर अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी अनुशासन को लेकर गंभीर है और पूरे प्रकरण पर पार्षदों से जवाब लिया जाएगा।
वहीं, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी उनके संज्ञान में आई है, लेकिन अभी तक किसी व्यक्ति की ओर से मामले में औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
नगर निगम की मेयर अर्चना वर्मा की ओर से भी पार्षदों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी।
सपा ने जांच की मांग उठाई
समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष तनवीर खान ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम में भ्रष्टाचार नहीं है तो पार्षदों द्वारा इस तरह की शपथ लेने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि शासन से शहर के विकास के लिए आने वाली धनराशि के बंटवारे को लेकर पार्षदों द्वारा जल हाथ में लेकर कसम खाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे के कथित बंटवारे को लेकर सामने आए वीडियो का जवाब अब जनता को देना होगा।
तनवीर खान ने नगर निगम के विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर सड़क बनने के कुछ महीनों बाद उसी सड़क से संबंधित दोबारा टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। उन्होंने नगर निगम की धनराशि के इस्तेमाल की जांच की मांग की।
कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस जिला अध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने भी वायरल वीडियो को लेकर नगर निगम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले नगर निगम क्षेत्र में सौंदर्यीकरण के नाम पर शहीदों की प्रतिमाओं को तोड़े जाने का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही गई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि उस मामले में आगे क्या कार्रवाई हुई। साथ ही उन्होंने वायरल वीडियो में कथित तौर पर नगर निगम की धनराशि से जुड़े आरोपों की भी जांच कराने की मांग की।
मंगलवार को वायरल हुआ था वीडियो
गौरतलब है कि मंगलवार को नगर निगम के कुछ पार्षदों का वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ था। वीडियो में पार्षद हाथ में जल लेकर नगर निगम को होने वाली आय को सभी 60 पार्षदों के बीच बराबर बांटने की शपथ लेते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मामले को लेकर नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब भाजपा की ओर से नोटिस जारी किए जाने और प्रशासन द्वारा औपचारिक शिकायत मिलने पर जांच कराने की बात कहे जाने के बाद यह मामला और गरमा गया है।














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