12 सितंबर 2026 | नई दिल्ली
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में ऐतिहासिक ‘ईरानी हॉल’ का दौरा किया। यह हॉल भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों की महत्वपूर्ण विरासत को अपने भीतर समेटे हुए है।
क़ाजार काल से जुड़ा है हॉल का इतिहास
राष्ट्रपति भवन का यह ऐतिहासिक हॉल क़ाजार वंश के शासक फ़तह-अली शाह के शासनकाल से जुड़ा माना जाता है। हॉल की सबसे खास विशेषताओं में इसकी छत पर बनी विशाल फ़ारसी पेंटिंग शामिल है।
इस पेंटिंग में फ़तह-अली शाह को शिकार करते हुए दिखाया गया है। इसे 19वीं सदी की शुरुआत में ईरानी दरबारी चित्रकार मिहर अली ने बनाया था।
ब्रिटिश शाही परिवार को दिया गया था पेंटिंग का उपहार
बताया जाता है कि यह पेंटिंग मूल रूप से ब्रिटिश शाही परिवार को उपहार में दी गई थी। बाद में इसे तत्कालीन वायसराय हाउस, यानी वर्तमान राष्ट्रपति भवन में स्थापित किया गया।
हॉल की दीवारों पर मौजूद फ़ारसी शैली के भित्ति-चित्र भी इसकी ऐतिहासिक खूबसूरती को बढ़ाते हैं। ये चित्र भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संपर्क और साझा विरासत की कहानी बताते हैं।
भारत-ईरान संबंधों की ऐतिहासिक झलक
मसूद पेज़ेशकियन का ‘ईरानी हॉल’ दौरा केवल एक ऐतिहासिक इमारत का भ्रमण नहीं, बल्कि भारत और ईरान के पुराने सांस्कृतिक संबंधों की विरासत से जुड़ने का अवसर भी रहा। राष्ट्रपति भवन में मौजूद यह हॉल आज भी दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संपर्क की एक अनूठी निशानी है।
MasoudPezeshkian #Iran #IndiaIranRelations #RashtrapatiBhavan #IranianHall #FatehAliShah #DelhiNews #IndiaIranFriendship














Leave a Reply