मेरठ | 10 सितंबर 2026
मेरठ के गगोल क्षेत्र में बिजली विभाग की कथित लापरवाही का दर्दनाक मामला सामने आया है। खेतों में टूटे पड़े बिजली के तारों की चपेट में आने से 9 वर्षीय साद की करंट लगने से मौत हो गई। साद सोमवार शाम से लापता था। परिजन रातभर उसकी तलाश करते रहे। मंगलवार सुबह खेतों में बिजली के तारों में उसका शव लिपटा मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
पतंग की नोक से मिला मासूम का सुराग
परिजनों के मुताबिक, खेतों में दूर से दिखाई दे रही पतंग की नोक के जरिए साद के बारे में सुराग मिला। इसके बाद परिजन उसे तलाशते हुए मौके पर पहुंचे। बेटे को देखने के बाद उसकी मां शबनम ने वहां पहुंचने की कोशिश की, इसी दौरान उन्हें भी करंट का जोरदार झटका लगा।
शव को बचाने दौड़े साद के ममेरे भाई अयान के भी करंट की चपेट में आने की बात सामने आई है।
पुलिस ने बंद कराई बिजली सप्लाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले बिजली की सप्लाई बंद कराई, जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पिता का इकलौता बेटा था साद
साद अपने पिता अकरम का इकलौता बेटा था। अकरम मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों का आरोप है कि खेतों में बिजली के तार टूटे पड़े होने के बावजूद उन्हें हटाने या बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने हादसे के लिए बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों में आक्रोश
हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि टूटे हुए तारों को समय रहते हटाया जाता या बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती, तो मासूम साद की जान बच सकती थी।
मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बनने वाले अकरम का इकलौता चिराग अब हमेशा के लिए बुझ गया।














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