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बाढ़ में जिंदगी और मौत से जूझ रही थी हथिनी ‘जॉयमोती’, फिर हुआ ऐसा रेस्क्यू कि बच गई जान

गुवाहाटी, 22 अगस्त 2026। असम में बाढ़ के दौरान घायल हुई हथिनी ‘जॉयमोती’ को बेहतर इलाज और देखभाल के लिए एयरलिफ्ट कर गुजरात स्थित वंतारा ले जाया गया है। गंभीर हालत में मिली हथिनी के लिए यह कदम उसके उपचार और जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बाढ़ के कारण असम के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस दौरान वन्यजीवों पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है। इसी बीच घायल हथिनी जॉयमोती को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उसका विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज कराने की पहल की गई।

इलाज के लिए वंतारा किया गया एयरलिफ्ट

जॉयमोती को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयरलिफ्ट कर वंतारा पहुंचाया गया। यहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जाएगा।

हथिनी की हालत को देखते हुए उसके लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है। उपचार के दौरान उसकी चोटों, स्वास्थ्य और रिकवरी पर लगातार नजर रखी जाएगी।

बाढ़ में घायल हुई थी जॉयमोती

बताया गया है कि असम में आई बाढ़ के दौरान जॉयमोती घायल हो गई थी। बाढ़ के पानी और कठिन परिस्थितियों के बीच वन्यजीवों के लिए भोजन, सुरक्षित स्थान और चिकित्सा सहायता की चुनौती बढ़ जाती है।

ऐसे में घायल हथिनी को समय पर रेस्क्यू कर उपचार के लिए भेजना वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से अहम कदम है।

वन्यजीव संरक्षण की दिशा में पहल

जॉयमोती को एयरलिफ्ट किए जाने से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और आपदा के दौरान उनके बचाव की जरूरत भी सामने आती है। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में इंसानों के साथ-साथ वन्यजीव भी प्रभावित होते हैं और उन्हें सुरक्षित बचाने के लिए विशेष रेस्क्यू एवं चिकित्सा व्यवस्था की आवश्यकता होती है।

जॉयमोती के इलाज के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद की जा रही है। उसकी रिकवरी पर विशेषज्ञों की टीम लगातार नजर रखेगी।

जॉयमोती के लिए नई उम्मीद

बाढ़ के बीच घायल हुई जॉयमोती को समय पर रेस्क्यू और इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया जाना उसके लिए नई उम्मीद लेकर आया है। अब वंतारा में विशेषज्ञ उपचार के जरिए उसे स्वस्थ करने का प्रयास किया जाएगा।

वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी जॉयमोती का रेस्क्यू राहत की खबर है। उम्मीद है कि उपचार के बाद हथिनी पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने प्राकृतिक वातावरण में लौट सकेगी।

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