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बागपत 4 सितंबर 2026 | हिडन नदी के किनौनी-चिरचिटा पुल पर आवागमन में हो रही परेशानी और हादसों में दो लोगों की मौत से नाराज ग्रामीणों ने आंदोलन का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने कहा है कि 5 सितंबर 2026 से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराता और मृतक परिवारों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ग्रामीणों के अनुसार, चिरचिटा गांव में पिछले करीब 15 दिनों में नदी के पुल से गिरकर दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीण सोनू, सचिन, नीरज और बिल्लू ने बताया कि पुराना पुल बरसात के दौरान पानी में डूब जाता है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। मेरठ समेत अन्य स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों को भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है।

दो लोगों की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 15 दिनों में चिरचिटा निवासी जोनी और बली गांव निवासी सब्बीर की नदी में डूबने से मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश है।

ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-मोटे काम के लिए भी उन्हें लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। पुल की स्थिति खराब होने और बरसात में इसके डूब जाने से परेशानी और बढ़ जाती है।

5 सितंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि 5 सितंबर से पुल पर भूख हड़ताल की जाएगी। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि प्रशासन हिडन नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कराए और हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।

प्रशासन से समाधान की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि पुल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे में स्थायी पुल का निर्माण जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

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