16 सितंबर 2026 | उत्तर प्रदेश
नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का गंभीर दावा किया है। उन्होंने कहा कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई है और वह यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं। आजाद ने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, उनके पास इस संबंध में जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि हत्या की कथित साजिश से लेकर बाराबंकी हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जाए और पूरी सच्चाई सामने लाई जाए।
‘मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता’
आजाद ने अपने विरोधियों को संबोधित करते हुए कहा कि मौत एक दिन आनी है और मौत के डर से जीवन नहीं जिया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मौत उनके विरोधियों के हाथों लिखी होगी तो वह भी हो जाएगी, लेकिन अगर उनके समर्थकों ने उन्हें ताकत और साथ दिया तो उनके विरोधियों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा।
सुरक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मामला सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा प्राप्त एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि और सांसद पर दिनदहाड़े पत्थरबाजी की गई तथा पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील चीजों से भरी बोतलों के जरिए वाहन में आग लगाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसे मामलों में आरोपी बेखौफ नजर आते हैं तो प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति पर भी सवाल उठते हैं।
समर्थकों से कहा—डरने की जरूरत नहीं
आजाद ने अपने साथियों और समर्थकों से डरने की जरूरत नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि संघर्ष जारी रहेगा और मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता।
उन्होंने अपने बयान का समापन ‘जय भीम’ के नारे के साथ किया।
नोट: हत्या की साजिश और बाराबंकी हिंसा से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती है। संबंधित जांच एजेंसियों या प्रशासन की ओर से सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
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