
वाराणसी, 8 अगस्त श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़ी महिला वादिनियों, अन्य महिलाओं एवं अधिवक्ताओं ने शनिवार को कलश यात्रा निकालकर श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया तथा मामले में अनुकूल निर्णय की कामना की।
महिलाओं ने “ज्ञानवापी मुक्त करो” के उद्घोष के साथ सिर पर गंगाजल से भरे कलश रखकर यात्रा निकाली। इसके बाद सभी ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर बाबा विश्वनाथ से ज्ञानवापी प्रकरण में विजय की प्रार्थना की।
महिला वादिनियों ने कहा कि ज्ञानवापी से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की कि उन्हें न्याय मिले। उनका कहना था कि ज्ञानवापी स्थित वजूखाने एवं परिसर के अन्य हिस्सों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सर्वेक्षण के दौरान सनातन धर्म से जुड़े कई साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि ज्ञानवापी प्रकरण करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा विषय है और सभी को न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार रामलला प्रकरण में निर्णय आया, उसी प्रकार इस मामले में भी हिंदू पक्ष को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि एक दिन बाबा विश्वनाथ का मंदिर और अधिक दिव्य एवं भव्य स्वरूप में स्थापित होगा। यही उनकी भगवान शिव से मंगल कामना है।














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