मैसूर, 22 अगस्त 2026। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुक्रवार को मैसूर में आयोजित नागर विमानन सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में देश के नागर विमानन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान विशेष रूप से ‘उड़ान’ योजना के अगले चरण और देश में पायलट प्रशिक्षण इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।
उड़ान योजना के अगले चरण पर चर्चा
बैठक में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और बेहतर बनाने के लिए ‘उड़ान’ योजना के आगामी चरण को लेकर चर्चा हुई। समिति ने इस बात पर जोर दिया कि देश के अधिक से अधिक क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
‘उड़ान’ योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देना और छोटे शहरों तथा दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुलभ बनाना है।
पायलट प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
बैठक में देश में पायलट प्रशिक्षण की व्यवस्था को मजबूत बनाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बढ़ते नागर विमानन क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए प्रशिक्षित पायलटों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
समिति ने पायलट प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे, क्षमता और प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।
नागर विमानन क्षेत्र के विस्तार पर फोकस
भारत में हवाई यात्रा और विमानन क्षेत्र के विस्तार के साथ एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और कुशल मानव संसाधन की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में सलाहकार समिति की बैठक में इन विषयों पर चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू की अध्यक्षता में हुई बैठक में नागर विमानन क्षेत्र को अधिक मजबूत, सक्षम और व्यापक बनाने की दिशा में आगे की रणनीति पर विचार किया गया।
सरकार का क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर जोर
केंद्र सरकार देश में हवाई संपर्क का विस्तार करने और छोटे शहरों को विमानन नेटवर्क से जोड़ने पर लगातार जोर दे रही है। ‘उड़ान’ योजना इसी दिशा में एक प्रमुख पहल है।
बैठक में योजना के अगले चरण और पायलट प्रशिक्षण इकोसिस्टम को मजबूत करने पर हुई चर्चा को विमानन क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














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