लखनऊ, 22 अगस्त। राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर लखनऊ में ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया और ‘बाबूजी’ को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह को याद करते हुए कहा कि जिन लोगों के लिए ‘देश प्रथम’ है और भारत के सनातन मूल्य एवं आदर्श सर्वोपरि हैं, उनके लिए बाबूजी हमेशा प्रेरणास्रोत और स्मरणीय रहेंगे।
‘बाबूजी’ की स्मृतियों को किया नमन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का सार्वजनिक जीवन देश, समाज और भारतीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी। उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
‘डबल इंजन सरकार उनके सपनों को साकार करेगी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार कल्याण सिंह के सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

हिंदू गौरव दिवस के रूप में आयोजन
कल्याण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम में उनके योगदान और राजनीतिक जीवन को याद किया गया। इस दौरान उनके राष्ट्रवादी विचारों और सार्वजनिक जीवन में निभाई गई भूमिका पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी स्मृतियों को नमन किया और उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया।
कल्याण सिंह का राजनीतिक योगदान
कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे और बाद में राजस्थान के राज्यपाल का दायित्व भी संभाला। उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका एक महत्वपूर्ण स्थान रहा।
राम मंदिर आंदोलन के दौर में उनकी भूमिका के कारण भी उन्हें भारतीय राजनीति में विशेष पहचान मिली। उनके समर्थक उन्हें स्नेहपूर्वक ‘बाबूजी’ के नाम से संबोधित करते थे।














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