नई दिल्ली, 19 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के साथ-साथ वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक साझेदारी को नई गति देने की तैयारी है।
सम्मेलन में जापान के यामानाशी प्रांत के राज्यपाल कोटारो नागासाकी सहित करीब 200 जापानी सीईओ, प्रबंध निदेशक, कंपनी प्रमुख और प्रमुख निर्णयकर्ता शामिल होंगे।
₹3,195 करोड़ के निवेश से हजारों रोजगार
सम्मेलन के दौरान ग्रेटर नोएडा में निवेश और रोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड सेक्टर-10, ग्रेटर नोएडा में ₹2,029 करोड़ के निवेश से परियोजना स्थापित करेगी। इससे 3,800 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने और करीब 60,000 ट्रैक्टर प्रतिवर्ष उत्पादन का प्रस्ताव है।
वहीं, स्पार्क माइंडा द्वारा सेक्टर-10 और सेक्टर-24, ग्रेटर नोएडा में ₹1,166 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इस परियोजना से करीब 6,440 रोजगार के अवसर सृजित होने की बात कही गई है। परियोजना के तहत दो और चार पहिया वाहनों के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्विच, सेंसर और यूएसबी चार्जर जैसे उत्पादों का लगभग 20 लाख यूनिट वार्षिक उत्पादन प्रस्तावित है।
जापानी निवेश से औद्योगिक विकास को मिलेगी मजबूती
जापानी निवेश और तकनीकी सहयोग से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों को आकर्षित करना है।














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