खेकड़ा (बागपत): खेकड़ा क्षेत्र में जहरीले कॉमन करैत सांप के डसने से एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक कांवड़िया युवक को समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। दोनों घटनाएं अलग-अलग गांवों में हुईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
घर में सो रही बच्ची को सांप ने डसा
सलावतपुर खेड़ी गांव में सात वर्षीय हूदा पुत्री तंजीम अपने घर में बिस्तर पर सो रही थी, तभी उसे जहरीले कॉमन करैत सांप ने डस लिया। सांप के दिखाई देने पर परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और वे तुरंत बच्ची को बागपत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे दिल्ली रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान मासूम हूदा की मौत हो गई। बच्ची की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
कांवड़िया युवक को समय पर मिला इलाज
दूसरी घटना नंगला बड़ी गांव की है, जहां हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौटे 25 वर्षीय आशीष पुत्र अमरपाल गांव के मंदिर में अन्य कांवड़ियों के साथ आराम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें भी जहरीले कॉमन करैत सांप ने डस लिया।
साथ मौजूद कांवड़ियों ने तुरंत आशीष को बागपत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने समय पर उपचार शुरू कर उनकी हालत को स्थिर किया और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल आशीष की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बरसात में बढ़ते हैं कॉमन करैत के मामले
विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के मौसम में कॉमन करैत सांप के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह अधिकतर रात में सक्रिय रहता है और गर्मी की तलाश में बिस्तर तक पहुंच सकता है।
इसके काटने पर कई बार दर्द कम होता है और स्पष्ट निशान भी नहीं दिखते, जिससे समय पर पहचान नहीं हो पाती और स्थिति गंभीर हो सकती है।
इलाके में दहशत का माहौल
इन दोनों घटनाओं के बाद खेकड़ा क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जहां एक ओर कांवड़िया आशीष की जान समय पर इलाज से बच गई, वहीं मासूम हूदा की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। स्थानीय लोग प्रशासन से सांपों से बचाव के लिए जागरूकता और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।