2 अक्टूबर 2026 | Baghpat Wire

बिजनौर: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में स्थित पैतृक जमीन को लेकर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ जालसाजों ने उनके दिवंगत पिता की फर्जी वसीयत तैयार कर 26 बीघा जमीन बेच दी। इस मामले में बिजनौर पुलिस ने धर्मपाल और विजय शंकर नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि कमलनाथ के पिता के नाम पर बिजनौर में 100 बीघा से अधिक जमीन है। आरोपियों ने कथित तौर पर उनके पिता की मृत्यु बिजनौर में दर्शाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, जबकि उनका निधन दिल्ली में हुआ था।

इस मामले में फर्जी वसीयत तैयार करने और उसके आधार पर जमीन बेचने का आरोप लगाया गया है। कमलनाथ के परिवार की पैतृक संपत्ति से जुड़े इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। हालांकि, अभी मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

कमलनाथ की पैतृक जमीन को लेकर सामने आया फर्जीवाड़ा

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के परिवार की उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में 100 बीघा से अधिक जमीन बताई जा रही है। यह जमीन उनके दिवंगत पिता के नाम पर दर्ज है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस जमीन को बेचने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए।

आरोपियों ने कमलनाथ के पिता की फर्जी वसीयत बनाकर 26 बीघा जमीन बेच दी। इस मामले में पुलिस ने धर्मपाल और विजय शंकर को गिरफ्तार किया है। जमीन की बिक्री के लिए कथित तौर पर तैयार किए गए दस्तावेजों में कमलनाथ के पिता की मृत्यु बिजनौर में होना दर्शाया गया था।

पिता की मृत्यु का स्थान बदलकर तैयार की फर्जी वसीयत

इस कथित फर्जीवाड़े में कमलनाथ के पिता की मृत्यु का स्थान महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। आरोप है कि जमीन बेचने के लिए तैयार किए गए दस्तावेजों में उनकी मृत्यु बिजनौर में दिखाई गई, जबकि उनका निधन दिल्ली में हुआ था।

आरोपियों ने कथित तौर पर इसी आधार पर फर्जी वसीयत तैयार की और उसके जरिए जमीन की बिक्री की। इस तरह 26 बीघा जमीन बेचे जाने का मामला सामने आया है।

मृत्यु के स्थान से जुड़े तथ्यों में अंतर इस मामले का अहम पहलू है। हालांकि, फर्जी वसीयत किस तरीके से तैयार की गई और जमीन की बिक्री के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

100 बीघा से ज्यादा जमीन में से 26 बीघा बेची

कमलनाथ के दिवंगत पिता के नाम पर बिजनौर में 100 बीघा से अधिक जमीन होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि इसी जमीन में से 26 बीघा जमीन फर्जी वसीयत के आधार पर बेच दी गई।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें बड़ी मात्रा में पैतृक संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। जमीन की बिक्री के बाद इस पूरे मामले में धोखाधड़ी का आरोप सामने आया।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में जमीन की कुल कीमत, बिक्री की तारीख और जमीन खरीदने वाले लोगों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस संबंध में किसी अतिरिक्त तथ्य की पुष्टि नहीं की जा सकती।

बिजनौर पुलिस ने धर्मपाल और विजय शंकर को गिरफ्तार किया

जमीन की कथित धोखाधड़ी के मामले में बिजनौर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धर्मपाल और विजय शंकर को गिरफ्तार किया है। दोनों पर फर्जी वसीयत तैयार करने और उसके आधार पर 26 बीघा जमीन बेचने में शामिल होने का आरोप है।

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में गिरफ्तारी की तारीख, दर्ज मुकदमे की धाराओं और पुलिस की विस्तृत कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है।

पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित फर्जी वसीयत तैयार करने और जमीन बेचने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की बिक्री का आरोप

इस पूरे मामले में फर्जी वसीयत तैयार करने के साथ-साथ जमीन की बिक्री भी जांच का अहम विषय है। आरोप है कि कमलनाथ के पिता की मृत्यु का गलत स्थान दर्शाकर दस्तावेज तैयार किए गए और फिर 26 बीघा जमीन बेच दी गई।

इस मामले में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि वसीयत किसने तैयार की, जमीन की बिक्री किन दस्तावेजों के आधार पर हुई और इस प्रक्रिया में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी में इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के संबंध में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच पर नजर

बिजनौर में कमलनाथ के परिवार की जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

इस मामले में 100 बीघा से अधिक पैतृक जमीन में से 26 बीघा जमीन बेचे जाने का आरोप है। साथ ही, कमलनाथ के पिता की मृत्यु दिल्ली में होने के बावजूद दस्तावेजों में बिजनौर का पता दर्शाए जाने की बात सामने आई है।

फिलहाल, धर्मपाल और विजय शंकर पर लगाए गए आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है। मामले में पुलिस की विस्तृत जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से ही कथित फर्जीवाड़े के सभी पहलुओं की जानकारी सामने आ सकेगी।

निष्कर्ष: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की बिजनौर स्थित पैतृक जमीन से जुड़े इस मामले में फर्जी वसीयत के जरिए 26 बीघा जमीन बेचने का आरोप है। बिजनौर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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