3 अक्टूबर 2026 | Baghpat Wire

पुड्डुचेरी: भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच खेले गए दूसरे अनौपचारिक टेस्ट मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच शानदार धैर्य दिखाया। यश राठौड़ और शम्स मुलानी की संयमित बल्लेबाजी की बदौलत भारत ए ने मैच ड्रॉ करा लिया और दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। मुकाबले के आखिरी दिन भारतीय टीम ने मुश्किल परिस्थितियों में विकेट बचाने पर ध्यान दिया। यश राठौड़ ने 80 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि शम्स मुलानी ने भी लंबे समय तक क्रीज पर टिककर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को परेशान किया।

पुड्डुचेरी में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ए ने भारत ए के सामने चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर दी थी। भारतीय बल्लेबाजों को एक ओर रन बनाने थे, तो दूसरी ओर विकेट बचाकर मैच को ड्रॉ की ओर ले जाना था। दूसरे सत्र में लगातार विकेट गिरने के बाद भारत ए की मुश्किलें बढ़ गई थीं। ऐसे समय में राठौड़ और मुलानी ने जिम्मेदारी संभाली।

हालांकि, दोनों बल्लेबाज दिन के अंतिम सत्र में आउट हो गए, लेकिन नचिकेत भूते और प्रफुल्ल हिंगे ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए भारत ए को हार से बचा लिया। इस परिणाम के साथ भारत ए ने सीरीज पर कब्जा कर लिया। पहला अनौपचारिक टेस्ट भारत ए ने जीता था, जबकि दूसरा मुकाबला ड्रॉ रहा।

यश राठौड़ और शम्स मुलानी ने संभाली भारत ए की पारी

मैच के अंतिम दिन भारत ए को मुकाबला बचाने के लिए लंबे समय तक बल्लेबाजी करनी थी। टीम की शुरुआत ठीक रही, लेकिन दूसरे सत्र में विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद यश राठौड़ और शम्स मुलानी ने क्रीज पर मोर्चा संभाला।

विदर्भ के लिए घरेलू क्रिकेट में कई महत्वपूर्ण पारियां खेल चुके यश राठौड़ ने अपनी बल्लेबाजी से एक बार फिर प्रभावित किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ए के गेंदबाजों का डटकर सामना किया और 80 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी में धैर्य के साथ आक्रामकता भी देखने को मिली।

राठौड़ ने गेंद की स्थिति के अनुसार अपने फुटवर्क का इस्तेमाल किया। जरूरत पड़ने पर वह आगे बढ़कर गेंद की पिच तक पहुंचे, जबकि कुछ मौकों पर उन्होंने क्रीज की गहराई का इस्तेमाल करके गेंदबाजों की रणनीति को चुनौती दी।

उनकी बल्लेबाजी ने भारत ए को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, वह अपनी टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके, लेकिन उनकी पारी ने ऑस्ट्रेलिया ए की जीत की उम्मीदों को कमजोर कर दिया।

दूसरी ओर, शम्स मुलानी ने भी बेहद धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ए के गेंदबाजों के लगातार प्रयासों के बावजूद अपना विकेट बचाए रखा। मुलानी ने नचिकेत भूते के साथ मिलकर भारत ए को हार से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

80 रन बनाकर आउट हुए यश राठौड़

यश राठौड़ ने मैच के निर्णायक चरण में 80 रन की पारी खेली। वह ऑस्ट्रेलिया ए के गेंदबाजों के सामने सहज नजर आए और लगातार रन बनाते रहे।

जब भारत ए के कई प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे, तब राठौड़ ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने गेंदबाजों को आसानी से हावी नहीं होने दिया और अपनी बल्लेबाजी से टीम को मैच में बनाए रखा।

हालांकि, मुकाबले के अंत से 6.4 ओवर पहले राठौड़ को लियाम स्कॉट ने पगबाधा आउट कर दिया। राठौड़ ने इस फैसले के खिलाफ रिव्यू लिया। उन्हें लगा कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से निकल रही थी, लेकिन बॉल ट्रैकिंग में अंपायर्स कॉल आने के बाद उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा।

राठौड़ के आउट होने से भारत ए की मुश्किलें फिर बढ़ गईं। उस समय टीम को मुकाबला ड्रॉ कराने के लिए कुछ और ओवर निकालने थे।

शम्स मुलानी भी दिन के अंत में हुए आउट

राठौड़ के आउट होने के बाद शम्स मुलानी पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई। उन्होंने नचिकेत भूते के साथ मिलकर बल्लेबाजी जारी रखी और ऑस्ट्रेलिया ए के गेंदबाजों को विकेट हासिल करने से रोकने की कोशिश की।

मुलानी ने पूरी पारी के दौरान धैर्य बनाए रखा। वह जोखिम लेने से बचते रहे और गेंदबाजों की रणनीति को समझकर बल्लेबाजी करते रहे।

हालांकि, दिन का खेल समाप्त होने से कुछ समय पहले लियाम स्कॉट ने मुलानी को भी पगबाधा आउट कर दिया। उनके विकेट के बाद भारत ए को मैच बचाने के लिए केवल आखिरी तीन ओवर निकालने थे।

ऐसे समय में नचिकेत भूते और प्रफुल्ल हिंगे ने कोई अनावश्यक जोखिम नहीं लिया। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी की और ऑस्ट्रेलिया ए के गेंदबाजों को कोई और सफलता हासिल नहीं करने दी।

भूते ने कुछ सकारात्मक शॉट भी लगाए। इससे ऑस्ट्रेलिया ए की जीत की बची हुई उम्मीदों को झटका लगा और भारत ए ने मुकाबला ड्रॉ करा लिया।

आयुष पांडे और तुषार देशपांडे ने दी मजबूत शुरुआत

मैच के अंतिम दिन की शुरुआत भारत ए के लिए अच्छी रही। पिछले दिन नाबाद रहे आयुष पांडे और तुषार देशपांडे ने पहले घंटे में शानदार धैर्य दिखाया और ऑस्ट्रेलिया ए के गेंदबाजों को कोई सफलता हासिल नहीं करने दी।

दोनों बल्लेबाजों ने संभलकर खेलते हुए टीम की पारी को आगे बढ़ाया। हालांकि, ड्रिंक्स ब्रेक से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया ए के गेंदबाज लियाम स्कॉट की एक गेंद नीची रही और आयुष पांडे पगबाधा आउट हो गए।

पांडे के आउट होने के बाद तुषार देशपांडे ने अपनी बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने दबाव में संयम बनाए रखा और अपना दूसरा प्रथम श्रेणी अर्धशतक पूरा किया।

कप्तान देवदत्त पडिक्कल ने भी उनका अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले सत्र में विकेट बचाकर भारत ए को मुकाबले में बनाए रखा। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में भी पहुंच सकती है।

हालांकि, दूसरे सत्र में मैच का रुख बदल गया और भारत ए को लगातार विकेट गंवाने पड़े।

दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया ए ने की वापसी

पहले सत्र में भारतीय बल्लेबाजों के सामने संघर्ष करने के बाद ऑस्ट्रेलिया ए ने दूसरे सत्र में शानदार वापसी की।

सबसे पहले कप्तान देवदत्त पडिक्कल आउट हुए। उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर बल्ला लगाया और लियाम स्कॉट को विकेट मिल गया।

इसके बाद तुषार देशपांडे ने अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन वह भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। एक ऐसी गेंद पर वह आउट हुए, जो पिच पर पड़ने के बाद रुककर आई।

पहले अनौपचारिक टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करने वाले कुमार कुशाग्र भी इस मुकाबले में बड़ी पारी नहीं खेल सके। उनकी किस्मत ने भी उनका साथ नहीं दिया। जिस गेंद पर वह आउट हुए, वह बेहद नीची रही और लगभग लुढ़कते हुए स्टंप्स से जा टकराई।

लगातार विकेट गिरने के कारण भारत ए की स्थिति कमजोर हो गई। ऐसे समय में शेख रशीद और यश राठौड़ ने पारी को संभालने की कोशिश की।

शेख रशीद ने 38 रन बनाकर दिखाया दम

शेख रशीद ने यश राठौड़ के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की। उन्होंने केवल रक्षात्मक बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि मौका मिलने पर आकर्षक शॉट भी लगाए।

रशीद ने खास तौर पर ऑन साइड में कुछ अच्छे शॉट खेले और तेजी से रन बनाए। वह 38 रन तक पहुंच गए थे और उनकी बल्लेबाजी से भारत ए को राहत मिली।

हालांकि, नाथन मैकस्वीनी की गेंद पर उनका गलत आकलन भारी पड़ गया। रशीद लेंथ गेंद पर पीछे हटे, लेकिन समय रहते अपना बल्ला नीचे नहीं ला सके और आउट हो गए।

उनके विकेट के बाद भारत ए की जिम्मेदारी यश राठौड़ और निचले क्रम के बल्लेबाजों पर आ गई।

लियाम स्कॉट ने पांच विकेट लेकर किया प्रभावित

ऑस्ट्रेलिया ए की ओर से लियाम स्कॉट सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने भारत ए की दूसरी पारी में 37 रन देकर पांच विकेट हासिल किए।

स्कॉट ने अपनी गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को लगातार परेशानी में रखा। उनका ऊंचा रिलीज पॉइंट और स्टंप्स पर गेंदबाजी करने की रणनीति प्रभावी रही।

खासकर ऐसी पिच पर, जहां गेंद कई बार नीची रह रही थी, स्कॉट ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट हासिल करके ऑस्ट्रेलिया ए को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, भारतीय बल्लेबाजों के धैर्य और निचले क्रम के संघर्ष के कारण ऑस्ट्रेलिया ए जीत हासिल नहीं कर सका।

भारत ए ने 1-0 से जीती सीरीज

दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों की इस सीरीज में भारत ए ने 1-0 से जीत दर्ज की। पहले मुकाबले में भारत ए ने जीत हासिल की थी, जबकि दूसरा मैच ड्रॉ रहा।

दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ए ने पहली पारी में 358 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत ए की पहली पारी 167 रन पर समाप्त हुई थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ए ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 173 रन बनाकर पारी घोषित की थी।

भारत ए को दूसरी पारी में चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा। हालांकि, यश राठौड़, तुषार देशपांडे और शम्स मुलानी सहित कई बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया।

आखिरकार भारत ए ने दूसरी पारी में नौ विकेट पर 310 रन बनाए और मुकाबला ड्रॉ हो गया।

इस तरह भारतीय टीम ने पहला मैच जीतने के बाद दूसरा मुकाबला ड्रॉ कराकर सीरीज अपने नाम कर ली।

मैच का संक्षिप्त स्कोर

ऑस्ट्रेलिया ए (पहली पारी): 358 रन
प्रमुख बल्लेबाज: हार्पर 128, संघा 46
प्रमुख गेंदबाज: कम्बोज 3/34, भूते 3/44

भारत ए (पहली पारी): 167 रन
प्रमुख बल्लेबाज: शेख रशीद 42
प्रमुख गेंदबाज: रिचर्डसन 3/37

ऑस्ट्रेलिया ए (दूसरी पारी): 4 विकेट पर 173 रन
प्रमुख बल्लेबाज: संघा 44*, सैम कॉन्स्टास 40
प्रमुख गेंदबाज: कोटियान 2/55

भारत ए (दूसरी पारी): 9 विकेट पर 310 रन
प्रमुख बल्लेबाज: यश राठौड़ 80, तुषार देशपांडे 52
प्रमुख गेंदबाज: लियाम स्कॉट 5/37

परिणाम: दूसरा अनौपचारिक टेस्ट ड्रॉ। भारत ए ने सीरीज 1-0 से जीती।