3 अक्टूबर 2026 | Baghpat Wire
आइची-नागोया: एशियाई खेलों में शुक्रवार का दिन भारतीय खेल इतिहास के यादगार दिनों में शामिल हो गया। भारत ने कुश्ती, मुक्केबाजी, तीरंदाजी और महिला हॉकी में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई स्वर्ण पदक अपने नाम किए। महिला हॉकी टीम ने चीन को हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों का खिताब जीता, जबकि पहलवान सुजीत कलकल ने फाइनल में 2-9 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने भी अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर भारत को तीन स्वर्ण पदक दिलाए।
तीरंदाजी में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। वहीं, पुरुष रिकर्व टीम और मिश्रित टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने कांस्य पदक जीता, जबकि सेपक टकरा में भारतीय पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में हार के बावजूद अपना पहला पदक सुनिश्चित किया।
शुक्रवार के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य सहित कुल 76 पदक जीत लिए हैं। महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत ने इस दिन को और खास बना दिया। टीम ने न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल किया।
महिला हॉकी टीम ने 44 साल का इंतजार किया खत्म
शुक्रवार को भारतीय खेल प्रेमियों के लिए सबसे यादगार पल महिला हॉकी फाइनल में आया। भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 44 साल बाद एशियाई खेलों में हॉकी का खिताब अपने नाम किया।
फाइनल मुकाबले में भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मैच का एकमात्र गोल दागा। दसवें मिनट में किए गए इस गोल ने भारत को बढ़त दिलाई, जिसे टीम ने मुकाबले के अंत तक बरकरार रखा।
हालांकि, भारतीय टीम के लिए मुकाबला आसान नहीं रहा। गोल करने के बाद चीन ने लगातार आक्रमण किए और भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की। चीन को पेनल्टी कॉर्नर और पेनल्टी स्ट्रोक के मौके भी मिले, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया और डिफेंडरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को गोल करने से रोक दिया।
मैच के अंतिम मिनटों में चीन ने गोलकीपर को हटाकर अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी के साथ खेलने का फैसला किया। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और चीन के हमलों को नाकाम कर दिया।
अंतिम सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर जश्न मनाया। इस जीत के साथ भारत ने न केवल स्वर्ण पदक हासिल किया, बल्कि 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी सुनिश्चित कर लिया।
सुजीत कलकल ने 2-9 से पिछड़ने के बाद जीता गोल्ड
भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल फाइनल में शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता। ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव के खिलाफ मुकाबले में सुजीत एक समय 2-9 से पिछड़ रहे थे। मुकाबले की स्थिति देखकर उनकी जीत मुश्किल लग रही थी, लेकिन भारतीय पहलवान ने हार नहीं मानी।
सुजीत ने दूसरे हाफ में जबरदस्त आक्रामकता दिखाई और लगातार हमले किए। उन्होंने चार बार अपने प्रतिद्वंद्वी को मैट पर गिराकर अंक हासिल किए। उनकी इस शानदार वापसी के सामने कुदिएव टिक नहीं सके और सुजीत ने मुकाबला 10-9 से जीत लिया।
इस जीत के साथ सुजीत कलकल ने भारत को इन एशियाई खेलों में कुश्ती का पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
फाइनल से पहले भी सुजीत ने शानदार प्रदर्शन किया था। सेमीफाइनल में उनका सामना जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका से हुआ था। दोनों पहलवानों के बीच मुकाबला 3-3 से बराबर रहा, लेकिन सुजीत ने क्राइटेरिया के आधार पर जीत हासिल की।
सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को हराने के बाद सुजीत ने फाइनल में भी अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखा। दो अंकों से पीछे होने के बाद नौ अंकों की वापसी करना उनके मुकाबले का सबसे खास पल रहा।
लवलीना बोरगोहेन ने पहली बार जीता एशियाई खेलों का गोल्ड
मुक्केबाजी में भारत के लिए शुक्रवार का दिन बेहद सफल रहा। भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जी यी को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
लवलीना ने फाइनल में शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ प्रभावशाली मुक्केबाजी की और सर्वसम्मत निर्णय से मुकाबला अपने नाम किया।
इस जीत के साथ लवलीना ने पहली बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की थीं, लेकिन एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक का इंतजार अब जाकर खत्म हुआ।
महिला मुक्केबाजी में भारत को इससे पहले 2014 में मैरी कॉम ने स्वर्ण पदक दिलाया था। लवलीना की जीत के साथ भारतीय महिला मुक्केबाजी ने एक बार फिर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया।
परवीन हुड्डा ने करीबी मुकाबले में जीता गोल्ड
भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
दोनों मुक्केबाजों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहा। मुकाबले में परवीन को चेन निएन-चिन की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया।
फाइनल का फैसला स्प्लिट डिसीजन से हुआ। परवीन ने 3-2 से मुकाबला जीतकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया।
इस जीत के साथ भारत की मुक्केबाजी में स्वर्ण पदकों की संख्या लगातार बढ़ती गई। परवीन की सफलता ने भारतीय दल के उत्साह को और बढ़ाया।
अंकुश पंघाल ने पूरी की मुक्केबाजी में गोल्ड की हैट्रिक
भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिन सियोंग को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
अंकुश ने फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़कर खिताब अपने नाम किया। उनकी जीत के साथ भारत ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी कर ली।
लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा के बाद अंकुश की जीत ने भारतीय मुक्केबाजी टीम के शानदार प्रदर्शन को और मजबूत किया।
शुक्रवार को तीन भारतीय मुक्केबाजों ने फाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए। इस प्रदर्शन ने एशियाई खेलों में भारत की पदक संख्या में महत्वपूर्ण इजाफा किया।
तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया को हराकर भारत ने रचा इतिहास
भारतीय तीरंदाजों ने भी शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं की रिकर्व टीम स्पर्धा में अंकिता भकत, कीर्ति और कुमकुम मोहोद ने दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
दक्षिण कोरिया को तीरंदाजी में मजबूत प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। ऐसे में भारतीय महिला टीम की यह जीत विशेष महत्व रखती है। इस सफलता के साथ भारत ने एशियाई खेलों में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा का अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।
भारतीय तीरंदाजों ने पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल में दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ दिया।
महिला टीम के स्वर्ण पदक के बाद पुरुष रिकर्व टीम ने भी फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, भारतीय पुरुष टीम को दक्षिण कोरिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
इसके अलावा धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की मिश्रित टीम ने भी रजत पदक हासिल किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन की टीम ने हराया।
इस तरह तीरंदाजी में भारत ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए।
नेत्रा कुमानन ने सेलिंग में जीता कांस्य
भारतीय खिलाड़ियों ने सेलिंग में भी पदक हासिल किया। नेत्रा कुमानन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
उनकी इस सफलता के साथ भारत की पदक संख्या में एक और इजाफा हुआ। सेलिंग जैसी प्रतियोगिता में पदक हासिल करना भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
सेपक टकरा में भारत ने सुनिश्चित किया पहला पदक
सेपक टकरा के पुरुष क्वाड्रेंट इवेंट में भी भारतीय टीम ने पदक सुनिश्चित किया। भारतीय टीम को सेमीफाइनल में जापान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सेमीफाइनल तक पहुंचने के कारण भारत का पदक पक्का हो गया।
इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया। हालांकि, टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी, लेकिन सेमीफाइनल तक पहुंचकर उसने भारत के लिए इस स्पर्धा में पहला पदक सुनिश्चित किया।
गोल्फ में प्रणवी उर्स ने बनाई बढ़त
भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स ने भी शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चार अंडर 68 का स्कोर दर्ज किया और कुल 15 अंडर पार के स्कोर तक पहुंच गईं।
इस प्रदर्शन के साथ प्रणवी ने फाइनल राउंड से पहले बढ़त हासिल कर ली। उनके प्रदर्शन से भारतीय गोल्फ में भी पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं।
गोल्फ में प्रणवी का प्रदर्शन उस दिन भारतीय दल के लिए एक और सकारात्मक पहलू रहा, जब कुश्ती, मुक्केबाजी, तीरंदाजी और हॉकी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार उपलब्धियां हासिल कीं।
पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचा भारत
शुक्रवार को विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद भारत एशियाई खेलों की पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया।
भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक कुल 76 पदक हासिल किए हैं। इनमें 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य पदक शामिल हैं।
शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत, सुजीत कलकल की शानदार वापसी और मुक्केबाजों की स्वर्णिम सफलता इस दिन की प्रमुख उपलब्धियां रहीं।
तीरंदाजी में महिला टीम का स्वर्ण और अन्य दो रजत पदकों ने भी भारत की पदक संख्या में योगदान दिया।
भारत के लिए यादगार रहा शुक्रवार
एशियाई खेलों में शुक्रवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए कई ऐतिहासिक उपलब्धियों और रोमांचक मुकाबलों से भरा रहा। सुजीत कलकल ने कठिन परिस्थिति में वापसी करके स्वर्ण पदक जीता, जबकि तीन मुक्केबाजों ने फाइनल मुकाबले जीतकर भारत को गोल्ड की हैट्रिक दिलाई।
तीरंदाजी में महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर इतिहास रचा। वहीं, महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों का खिताब जीता।
हॉकी टीम की जीत के साथ भारत ने लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन भी हासिल किया। यह उपलब्धि भारतीय महिला हॉकी के लिए विशेष महत्व रखती है।
इस तरह शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को कई स्वर्ण और रजत पदक दिलाए। पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचने के साथ भारत का यह दिन एशियाई खेलों के यादगार दिनों में शामिल हो गया।
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