नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल परिसर में 250 बेड का सुपर-स्पेशिएलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक बनाया जाएगा। दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 244.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस ब्लॉक में गंभीर मरीजों के इलाज से लेकर अत्याधुनिक सर्जरी और ओपीडी सेवाओं तक के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यह परियोजना दिल्ली में ट्रॉमा और गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नए ब्लॉक के तैयार होने के बाद GTB अस्पताल में आने वाले मरीजों को एक ही परिसर में कई विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी। खास तौर पर गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए क्रिटिकल केयर, ऑपरेशन और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधाओं को एक साथ विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
सात मंजिला इमारत में होंगी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित सुपर-स्पेशिएलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक सात मंजिला इमारत होगी। इसमें कुल 250 बेड की व्यवस्था की जाएगी। इनमें 77 बेड क्रिटिकल-केयर मरीजों के लिए निर्धारित किए जाएंगे। गंभीर रूप से घायल या अत्यधिक निगरानी की जरूरत वाले मरीजों के उपचार में इन सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
ब्लॉक में नौ हाई-टेक ऑपरेशन थिएटर भी बनाए जाएंगे। अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर होने से जटिल सर्जरी और आपातकालीन ऑपरेशन के लिए अस्पताल की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। ट्रॉमा मरीजों के मामले में समय पर सर्जिकल उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में एक समर्पित ट्रॉमा ब्लॉक अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत कर सकता है।
इसके अलावा नए भवन में 48 ओपीडी कमरे बनाए जाने की योजना है। इससे अलग-अलग सुपर-स्पेशिएलिटी सेवाओं के लिए मरीजों की जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा बढ़ेगी। बड़ी संख्या में मरीजों को देखते हुए ओपीडी क्षमता में विस्तार से अस्पताल पर मौजूदा दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
गंभीर मरीजों के इलाज पर रहेगा फोकस
GTB अस्पताल दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों और ट्रॉमा मामलों को देखते हुए नई सुविधा का महत्व और बढ़ जाता है।
सुपर-स्पेशिएलिटी और ट्रॉमा सेवाओं को एक ही ब्लॉक में विकसित करने का उद्देश्य गंभीर मरीजों को इलाज की अधिक समेकित सुविधा उपलब्ध कराना है। नए ब्लॉक में क्रिटिकल केयर, सर्जरी और ओपीडी जैसी सेवाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
परियोजना के तहत आधुनिक चिकित्सा ढांचे के निर्माण के साथ अस्पताल की भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा। सात मंजिला इमारत में विभिन्न चिकित्सा विभागों और मरीजों से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित तरीके से विकसित किए जाने की योजना है।
244.87 करोड़ रुपये की आएगी लागत
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 244.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। निर्माण पूरा होने के बाद GTB अस्पताल में ट्रॉमा और सुपर-स्पेशिएलिटी उपचार के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
सरकार की ओर से अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नई सुविधाओं और अतिरिक्त बेड की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। GTB अस्पताल में प्रस्तावित यह ब्लॉक भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है।
नए ब्लॉक में 250 बेड, 77 क्रिटिकल-केयर बेड, नौ हाई-टेक ऑपरेशन थिएटर और 48 ओपीडी कमरों की व्यवस्था से अस्पताल की चिकित्सा क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार होगा। खास तौर पर गंभीर और ट्रॉमा मरीजों के लिए बेहतर उपचार व्यवस्था उपलब्ध कराने में यह परियोजना उपयोगी साबित हो सकती है।