सिलिगुड़ी, 22 अगस्त। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि धार्मिक कारणों से बांग्लादेश छोड़कर पश्चिम बंगाल आए पात्र शरणार्थियों को अगले छह महीनों के भीतर भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के आठ जिलाधिकारियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया पूरी करने का अधिकार दिया गया है।
सिलिगुड़ी में तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू होने पर आयोजित प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम में अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग अपने धर्म की रक्षा के लिए अपना देश छोड़ने को मजबूर हुए और भारत आए, उन्हें कानून के तहत पात्रता पूरी करने पर नागरिकता दी जाएगी।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार पात्र शरणार्थियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया को अगले छह महीनों में पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि नागरिकता देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के आठ जिलाधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं।
CAA को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना
अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने CAA लागू करने का फैसला किया था, तब इसका विरोध किया गया और इसके खिलाफ आंदोलन खड़ा करने की कोशिश की गई।
शाह ने कहा कि अब परिस्थितियां बदल गई हैं और पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार है। उन्होंने राज्य में राजनीतिक बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि नई सरकार के तहत प्रशासन और कानून व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
नए आपराधिक कानूनों से न्याय व्यवस्था में बदलाव का दावा
गृह मंत्री ने तीन नए आपराधिक कानूनों को लेकर कहा कि इनके लागू होने से पश्चिम बंगाल में न्याय व्यवस्था की नई शुरुआत होगी। उन्होंने दावा किया कि नए कानूनों का उद्देश्य नागरिकों को डर से मुक्त वातावरण देना और राज्य में कानून का शासन मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि तीनों नए कानून तकनीक, पारदर्शिता और समय-सीमा के सिद्धांत पर आधारित हैं। जांच, अभियोजन और अदालत की कार्यवाही में तकनीक के इस्तेमाल से मामलों का निपटारा पहले की तुलना में कम समय में करने का प्रयास किया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि नई व्यवस्था में नागरिक किसी भी स्थान से प्राथमिकी दर्ज करा सकेंगे। इससे पुलिस और न्याय व्यवस्था आम लोगों के लिए अधिक सुलभ होगी। उन्होंने कहा कि इसका लाभ विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को मिलेगा।
पिछली सरकारों पर कानून व्यवस्था को लेकर हमला
गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या के मामले, संदेशखाली की घटनाओं तथा महिलाओं के खिलाफ हिंसा के अन्य मामलों का उल्लेख किया।
शाह ने कहा कि बंगाल अपनी सांस्कृतिक विरासत और रवींद्रनाथ टैगोर के गीतों के लिए जाना जाता है, लेकिन राज्य में हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं भी सामने आई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि वाम मोर्चे के शासन के दौरान राज्य में “कैडर राज” था और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस के शासन में लंबे समय तक “गुंडा राज” चलता रहा।
गृह मंत्री ने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में “कानून का राज” होगा, न कि शासक का कानून।
पुराने मामलों में देरी का भी मुद्दा उठाया
अमित शाह ने देश में लंबे समय तक चलने वाले आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सिख विरोधी दंगों, भोपाल गैस त्रासदी और जुलाई 2000 में बीरभूम के नानूर में हुई हिंसा से जुड़े मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण पीड़ितों और उनके परिवारों को समय पर न्याय नहीं मिल पाया।
उन्होंने कहा कि नई आपराधिक न्याय व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल के जरिए जांच और मुकदमों की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया गया है।
अवैध प्रवासियों को लेकर केंद्र की नीति जारी रखने की बात
राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अवैध प्रवासियों की पहचान करने, उनका नाम हटाने और उन्हें वापस भेजने की अपनी नीति जारी रखेगी।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध प्रवास और जनसंख्या में बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया। शाह ने कहा कि सरकार इस विषय पर अपनी नीति के अनुसार आगे भी कार्रवाई करती रहेगी।
शुभेंदु अधिकारी सरकार की तारीफ
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की भी प्रशंसा की। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने कम समय में चुनावी वादों के अनुरूप कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने अन्नपूर्णा योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं को राज्य में लागू किया जा रहा है।
शाह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार को लिखित आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार जनसंख्या में बदलाव की जांच के लिए गठित समिति को पूरा सहयोग करेगी।
26 अगस्त तक चलेगी प्रदर्शनी
तीन नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी 26 अगस्त तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी। अमित शाह ने विशेष रूप से उत्तर बंगाल के लोगों से प्रदर्शनी में पहुंचकर नई आपराधिक न्याय व्यवस्था में किए गए बदलावों की जानकारी लेने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, गृह सचिव गोविंद मोहन, उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशीथ प्रमाणिक, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता, खुफिया ब्यूरो के निदेशक मोहन दीक्षित सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।














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