नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से छह लोगों को निशाना बनाकर 83 लाख 18 हजार रुपये से अधिक की ठगी कर दी। कहीं क्रिप्टोकरेंसी में मोटे मुनाफे का लालच दिया गया तो कहीं शेयर बाजार और गोल्ड कंपनी में निवेश के नाम पर रकम हड़प ली गई। एक मामले में ठगों ने कंपनी के बॉस बनकर कर्मचारी से 20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल के मुताबिक, सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है।
क्रिप्टो में मुनाफे का झांसा देकर 25.54 लाख ठगे
सेक्टर-22 निवासी प्रदीप कुमार की सोशल मीडिया के जरिए ‘प्रीति जैन’ नाम की युवती से बातचीत हुई। युवती ने खुद को इंदौर का निवासी बताते हुए प्रदीप को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
शुरुआत में प्रदीप ने 10 हजार रुपये लगाए और उन्हें 11 हजार रुपये वापस मिल गए। इससे उन्हें निवेश पर भरोसा हो गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग खातों में कुल 25 लाख 54 हजार 491 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें ठगी का पता चला।
गोल्ड कंपनी में निवेश के नाम पर 13.50 लाख की ठगी
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 निवासी 59 वर्षीय सतपाल वर्मा को सोशल मीडिया पर एक महिला ने गोल्ड कंपनी में निवेश की सलाह दी। ठगों ने उन्हें ज्यादा मुनाफे का लालच दिया और अलग-अलग खातों में कुल 13 लाख 50 हजार 800 रुपये ट्रांसफर करा लिए।
शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी रिटायर्ड शिक्षिका सीमा जौहरी शेयर बाजार में निवेश करती थीं। इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से एक व्यक्ति उनके संपर्क में आया। आरोपी ने चुनिंदा शेयरों में निवेश से बड़ा मुनाफा दिलाने का दावा किया।
झांसे में आने के बाद सीमा जौहरी ने कुल 9 लाख 40 हजार रुपये गंवा दिए।
इसी तरह दिव्यांग महिला प्राची सिंह को भी शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच दिया गया। आरोपियों ने उनसे 6 लाख 82 हजार 341 रुपये की रकम ट्रांसफर करा ली।
बॉस बनकर कर्मचारी से ट्रांसफर कराए 20 लाख
साइबर ठगों ने एक कंपनी के कर्मचारी को भी अपना शिकार बनाया। सेक्टर-132 स्थित कंपनी में काम करने वाले गोविंद को 7 अगस्त की शाम एक मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले ने खुद को उनका बॉस जसविंदर सिंह भाटिया बताया।
आरोपी ने गोविंद से एक व्यक्ति के खाते में तत्काल 20 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। बॉस का आदेश समझकर गोविंद ने बिना सत्यापन किए रकम भेज दी। बाद में जब उन्होंने असली बॉस से संपर्क किया तो पता चला कि उनके नाम से फर्जी मैसेज भेजकर ठगी की गई है।
टेलीग्राम पर टास्क के नाम पर 7.91 लाख की ठगी
ग्रेटर नोएडा निवासी नेहा सिंह को साइबर अपराधियों ने टेलीग्राम के जरिए घर बैठे पैसे कमाने का लालच दिया। आरोपियों ने अलग-अलग टास्क और कमाई का झांसा देकर उनसे कई बार रकम ट्रांसफर कराई।
इस तरह साइबर ठगों ने नेहा सिंह से कुल 7 लाख 91 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद उसके कहने पर क्रिप्टोकरेंसी, शेयर बाजार या गोल्ड जैसी योजनाओं में पैसा निवेश न करें।
पुलिस ने यह भी कहा कि कंपनी या कार्यालय से जुड़े किसी भी वित्तीय लेनदेन के निर्देश मिलने पर पहले संबंधित अधिकारी से सीधे संपर्क कर पुष्टि करें। केवल मैसेज या फोन कॉल के आधार पर बड़ी रकम ट्रांसफर न करें।
अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे बिना देरी किए साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए या 1930 पर संपर्क करना चाहिए। शिकायत में देरी होने से रकम वापस मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है।














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