दिल्ली, 10 अगस्त : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर विपक्ष के सवालों का सदन में विस्तार से जवाब दिया और कहा कि इसके तहत 17 लाख जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए 5,100 करोड़ रुपये निर्धारित किये गये हैं ।
श्रीमती गुप्ता ने विपक्षी सदस्यों के सदन से बाहर चले जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जो लोग दिल्ली की महिलाओं के हितैषी होने का दावा करते हैं, वे योजना पर सरकार का जवाब सुनने के समय सदन में मौजूद नहीं रहे। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने योजना को लेकर कई सवाल उठाए, लेकिन जवाब सुनने के लिए सदन में नहीं रुके। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पहले चरण में तीन वर्ष के लिए 17 लाख महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है और भविष्य में जरूरत के अनुसार इसका विस्तार किया जा सकता है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना में तीन बच्चों से जुड़ी शर्त पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार परिवार नियोजन के मामले में किसी परिवार की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं करती। उन्होंने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और किसी महिला को केवल बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने बेटे की चाह में परिवार बढ़ाते जाने की मानसिकता का विरोध करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा को प्राथमिकता देती है।
मुख्यमंत्री ने योजना के तहत मिलने वाली राशि के स्वरूप को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि 1,000 रुपये डिजिटल वॉलेट के माध्यम से उपलब्ध कराये जायेंगे, जबकि 1,500 रुपये एफडी/आरडी के रूप में बचत के लिए जमा किये जायेंगे। उनके अनुसार, तीन वर्ष बाद ब्याज सहित यह राशि महिलाओं को एकमुश्त आर्थिक सहारा देगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को तत्काल खर्च के लिए राशि उपलब्ध कराने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत का आधार तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना का पोर्टल एक अगस्त को शुरू किया गया था और 10 अगस्त तक 5,92,406 पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि केवल दस दिनों में करीब छह लाख महिलाओं का पंजीकरण होना योजना के प्रति लोगों के उत्साह को दर्शाता है। सरकार ने फिलहाल 17 लाख लाभार्थियों का लक्ष्य तय किया है और तब तक पोर्टल बंद नहीं किया जाएगा, जब तक निर्धारित संख्या में पात्र महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल जाता।
पिंक कार्ड को लेकर विपक्ष के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के करदाताओं के पैसे का उपयोग दिल्ली के लोगों के हित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की जवाबदेही दिल्ली के टैक्सपेयर्स के प्रति है और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजनाओं का लाभ पात्र दिल्लीवासियों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की 17 लाख महिलाओं को 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने जा रही है, इसलिए विपक्ष को इस योजना पर आपत्ति करने के बजाय पात्र महिलाओं के हित में काम करना चाहिए। कोई भी पात्र महिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या दिल्ली सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं होगी। उन्होंने दिल्ली लक्ष्मी योजना के साथ पिंक कार्ड, अनमोल योजना, दो निशुल्क एलपीजी सिलेंडर और विद्या वाहिनी योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने करीब सवा साल के कार्यकाल में किये गये वादों को तेजी से पूरा किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है, ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें, आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार में सफलता की नयी मिसाल कायम करें।
दिल्ली लक्ष्मी योजना में 17 लाख जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य : रेखा गुप्ता













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