बुलंदशहर | 1 अक्टूबर 2026 | बागपत वायर
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में प्रॉपर्टी विवाद और पुलिस की जांच को लेकर एक महिला की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मामला चर्चा में है। महिला ने पुलिस पर निष्पक्ष जांच नहीं करने और उसके परिवार के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया है। महिला ने मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने का दावा भी किया है। वहीं, बुलंदशहर के एसएसपी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को भ्रामक बताते हुए पूरे मामले पर पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया है।
एसएसपी के अनुसार, सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग मामलों को एक साथ जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। इनमें एक मामला वर्ष 2021 का खुर्जा नगर क्षेत्र से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला वर्ष 2026 में हुई दुर्घटना से जुड़ा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोनों मामलों की विवेचना पूरी हो चुकी है और संबंधित मामलों में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
महिला ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बुलंदशहर में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक महिला ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। महिला का आरोप है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। उसने अपने परिवार के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जाने का भी आरोप लगाया है।
महिला ने यह भी दावा किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। उसके आरोपों और सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों के बीच बुलंदशहर पुलिस की ओर से पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
हालांकि, महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
एसएसपी ने सोशल मीडिया की खबरों को बताया भ्रामक
बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को भ्रामक बताया है। पुलिस के अनुसार, कुछ खबरों में दो अलग-अलग मामलों को एक साथ जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे पूरे प्रकरण को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2021 में खुर्जा नगर क्षेत्र में हुए मामले और वर्ष 2026 की दुर्घटना का आपस में अलग-अलग संबंध है। दोनों मामलों की जांच अलग-अलग की गई है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि दोनों मामलों में विवेचना पूरी हो चुकी है और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
वर्ष 2021 के खुर्जा नगर मामले पर पुलिस का पक्ष
एसएसपी ने अपने स्पष्टीकरण में वर्ष 2021 के खुर्जा नगर प्रकरण का भी उल्लेख किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2026 में हुई दुर्घटना से अलग है।
पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। संबंधित मामलों में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
एसएसपी ने सोशल मीडिया पर दोनों मामलों को एक साथ प्रस्तुत किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे मामले की वास्तविक स्थिति को लेकर गलतफहमी पैदा हो सकती है।
वर्ष 2026 की दुर्घटना को लेकर क्या बोली पुलिस?
वर्ष 2026 में हुई दुर्घटना के संबंध में एसएसपी ने बताया कि पुलिस को दी गई तहरीर में किसी व्यक्ति का नाम नहीं था। इसी आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने घटनास्थल से संबंधित व्यक्ति को पकड़ा था।
एसएसपी ने इस मामले में दर्ज मुकदमे और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों पर भी सफाई दी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर भी दिया स्पष्टीकरण
महिला की ओर से मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने का दावा किए जाने के बाद एसएसपी ने 30 सितंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लेख किया।
पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश में सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुरूप कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
एसएसपी ने इस आदेश को लेकर प्रसारित खबरों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आ रही जानकारी और वास्तविक आदेश के बीच अंतर है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरा पाठ शामिल नहीं है। इसलिए आदेश की विस्तृत विषयवस्तु के बारे में अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।
दोनों मामलों की विवेचना पूरी, न्यायालय में दाखिल हुए आरोप पत्र
एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2021 के खुर्जा नगर प्रकरण और वर्ष 2026 की दुर्घटना से संबंधित मामलों में पुलिस की विवेचना पूरी हो चुकी है। दोनों मामलों में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोनों घटनाओं को अलग-अलग मामलों के रूप में देखा जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर इन्हें एक साथ जोड़कर पेश किए जाने से भ्रम की स्थिति बन रही है।
पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद मामला चर्चा में
बुलंदशहर में प्रॉपर्टी विवाद और पुलिस की जांच को लेकर महिला की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद एसएसपी ने पुलिस का पक्ष सामने रखा है। महिला ने निष्पक्ष जांच नहीं होने और परिवार के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को भ्रामक बताते हुए दोनों मामलों की अलग-अलग स्थिति स्पष्ट की है।
फिलहाल इस मामले में महिला के आरोप और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने है। दोनों मामलों में आरोप पत्र दाखिल होने की जानकारी भी पुलिस ने दी है। मामले से संबंधित न्यायिक आदेश और अन्य दस्तावेजों के आधार पर ही पूरे प्रकरण की विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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