प्रकाशित तिथि: 24 सितंबर 2026
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति भवन में ‘विश्वसंचार हिंदुत्व का’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने हिंदुत्व के सह-अस्तित्व के दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि हिंदुत्व किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी को साथ लेकर चलता है।
‘साप्ताहिक विवेक’ द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने कहा, “हिंदुत्व किसी के खिलाफ नहीं है, यह सभी को साथ लेकर चलता है।”
युवाओं से सभ्यतागत विरासत को समझने का आह्वान
उपराष्ट्रपति ने देश के युवाओं से भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत को पढ़ने, उस पर प्रश्न करने और उसे गहराई से समझने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कोई भी सभ्यता तभी विकसित होती है, जब वह अपने बुनियादी मूल्यों, संस्कृति और लोकाचार को बनाए रखते हुए समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को अपनाती है।
‘साप्ताहिक विवेक’ की शुरुआत का किया उल्लेख
सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में ‘साप्ताहिक विवेक’ की शुरुआत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रयासों से लोक-जागरण के उद्देश्य को लेकर ‘साप्ताहिक विवेक’ की शुरुआत छह दशक से भी पहले की गई थी।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगदान और उसके विस्तार की चर्चा करते हुए कहा कि एक छोटी सी शुरुआत से आगे बढ़कर आरएसएस आज एक वैश्विक संगठन बन गया है।
पुस्तक विमोचन के दौरान उपराष्ट्रपति ने भारत की सभ्यतागत परंपरा, मूल्यों और संस्कृति को समझने तथा बदलते समय के साथ उन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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