24 सितंबर नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी इलाके स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से कथित गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक कानून की पढ़ाई कर चुका व्यक्ति, उसका भाई जो BSc अंतिम वर्ष का छात्र है और आसिफ शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके 17 वर्षीय दोस्त को रोका था। इसके बाद लड़की को उसके दोस्त से अलग कर पार्क के सुनसान हिस्से में ले जाया गया।
खुद को पुलिसकर्मी बताकर रोका
पुलिस के अनुसार घटना 21 सितंबर की शाम करीब 7:15 से 8 बजे के बीच हुई। लड़की अपने जन्मदिन के मौके पर एक दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी। इसके बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुंचे। इसी दौरान तीनों आरोपी वहां पहुंचे और कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों से पूछताछ करने लगे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दोनों को डराया-धमकाया और लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया। इसके बाद लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद पीड़िता और उसका दोस्त पार्क से बाहर निकले और पुलिस को सूचना दी।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद CCTV फुटेज, तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान की। तीनों आरोपियों को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आसिफ, हेमंत सिंह और मुकेश सिंह के रूप में हुई है। हेमंत कानून की पढ़ाई कर चुका है और न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा था, जबकि उसका भाई मुकेश BSc का अंतिम वर्ष का छात्र बताया गया है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस से मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, आसिफ को अमर कॉलोनी इलाके में पकड़ने की कोशिश के दौरान गोलीबारी हुई। पुलिस का कहना है कि आसिफ ने पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से हथियार बरामद होने की बात कही है।
वहीं हेमंत और मुकेश को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब घटना के दौरान आरोपियों की भूमिका, उनके आपसी संपर्क और वारदात से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।
साजिश की भी जांच
जांच में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों ने घटना को पहले से योजना बनाकर अंजाम दिया था। भारतीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में साजिश से संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं और आरोपियों के पास से बरामद सामान तथा तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी इससे पहले आस्था कुंज पार्क में किसी अन्य महिला या युवती को परेशान करने अथवा किसी अपराध में शामिल रहे हैं। कुछ स्थानीय लोगों और पार्क से जुड़े कर्मचारियों ने आसिफ को पहले भी वहां घूमते और लोगों को परेशान करते देखने की बात पुलिस को बताई है। हालांकि, इन दावों की जांच जारी है और इन्हें अभी अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों की जांच
पुलिस ने पार्क और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली है। आरोपियों के मोबाइल फोन, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तकनीकी जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तीनों आरोपी घटना से पहले और बाद में कहां गए तथा उनके बीच किस तरह संपर्क हुआ।
मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण POCSO Act के प्रावधान लागू होते हैं। पीड़िता की पहचान कानून के अनुसार गोपनीय रखी जानी जरूरी है। उसकी चिकित्सकीय जांच कराई गई है और पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। मीडिया रिपोर्टों में पार्क में रोशनी, CCTV कवरेज और पुलिस गश्त से जुड़ी कमियों का उल्लेख किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पार्क में पहले ऐसी कोई घटना हुई थी या नहीं जो रिपोर्ट नहीं हो सकी।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
#DelhiCrime #DelhiNews #AasthaKunjPark #Kalkaji #GangRapeCase #CrimeNews #DelhiPolice #POCSO #BaghpatWire













Leave a Reply