फिरोजाबाद | 15 सितंबर 2026
फिरोजाबाद जिले के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के गांव लभुआ में पुलिस दबिश के दौरान साढ़े आठ माह की गर्भवती दलित महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। घटना को लेकर परिजनों और भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी की ओर से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक शिकोहाबाद जयबिंद गुप्ता को सौंपी गई है।
भीम आर्मी प्रमुख एवं आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद की ओर से घटना को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे बेहद दुखद और गंभीर मामला बताया गया। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि पुलिस रात करीब 11 बजे लभुआ गांव में एक मामले में महिला के पति गौरव को हिरासत में लेने पहुंची थी। परिजनों का दावा है कि पुलिस के पास इस कार्रवाई के दौरान कोई FIR नहीं थी।
पुलिस पर गर्भवती महिला से मारपीट का आरोप
परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, पुलिसकर्मियों के पहुंचने के दौरान साढ़े आठ माह की गर्भवती अंजलि के साथ धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने महिला को धक्का दिया और उसके पेट में लात मार दी।
आरोप है कि घटना के बाद अंजलि की तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया और घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी सामने आई।
हालांकि, पुलिस की ओर से जारी प्रतिक्रिया में महिला के साथ मारपीट या पेट में लात मारने के आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
चंद्रशेखर आजाद ने की कठोर कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पुलिसकर्मियों की भूमिका महिला की मौत के लिए जिम्मेदार पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ उचित आर्थिक सहायता दिए जाने की भी मांग की। आजाद समाज पार्टी की जिला टीम द्वारा घटना के बाद से पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की बात भी कही गई है।
पुलिस ने 6 कर्मियों को किया निलंबित
मामले पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए बताया गया कि प्रकरण पुलिस के संज्ञान में है। पुलिस के अनुसार, गौरव को एक मुकदमे में पूछताछ के लिए थाना शिकोहाबाद लाया गया था।
पुलिस ने बताया कि मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक शिकोहाबाद जयबिंद गुप्ता द्वारा की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि पुलिस टीम किस मामले में गांव पहुंची थी, गौरव को थाने लाने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई और गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने तथा उसकी मौत से पहले की घटनाओं में पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका रही।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
घटना ने पुलिस कार्रवाई के दौरान नियमों के पालन और संवेदनशील मामलों में पुलिस के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर गर्भवती महिला की मौत के आरोपों को देखते हुए मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल छह पुलिसकर्मियों का निलंबन और ASP स्तर पर जांच शुरू होना पुलिस विभाग की ओर से उठाया गया प्रारंभिक कदम है। अब जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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