
लखनऊ, 07 अगस्त :अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने रांची में जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन के संदर्भ में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया है।
परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने शुक्रवार को कहा कि स्याही प्रकरण को राजनीतिक मुद्दा बनाकर विद्यार्थी हितों से जुड़े वास्तविक प्रश्नों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी आंदोलनों का उद्देश्य शैक्षणिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा होना चाहिए, न कि राजनीतिक प्रचार के लिए परिसरों को वैचारिक टकराव का मंच बनाना। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएसए लंबे समय से विद्यार्थी हितों के मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे के अनुरूप मोड़ने का प्रयास करता रहा है।
डॉ. सोलंकी ने कहा कि यदि रांची की घटना की जांच आवश्यक है तो वह निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, लेकिन बिना तथ्य के किसी संगठन पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि स्याही प्रकरण को राजनीतिक हथियार बनाकर मीडिया की सुर्खियां हासिल करने का प्रयास विद्यार्थी राजनीति की स्वस्थ परंपरा के अनुरूप नहीं है।
एबीवीपी नेता ने कहा कि विद्यार्थी आंदोलन राष्ट्र निर्माण की शक्ति हैं और उन्हें राजनीतिक नौटंकी का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिसरों में भारत को खंडित करने वाली विचारधारा को स्थापित करने के प्रयासों को विद्यार्थी समाज पहले भी अस्वीकार करता रहा है और आगे भी ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।












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