नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सप्ताह नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
शी जिनपिंग की यह यात्रा भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब सात साल बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। ऐसे समय में जब दुनिया वैश्विक अस्थिरता, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, BRICS सम्मेलन में दोनों देशों के नेताओं की मौजूदगी पर विशेष नजर रहेगी।
सीमा मुद्दे पर भी बनी बातचीत की जमीन
शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच पिछले महीने बीजिंग में अहम बातचीत हुई थी। इस दौरान सीमा से जुड़े मुद्दों, सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने और भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा हुई थी।
नई दिल्ली में BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन
भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग, विकास, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
शी जिनपिंग की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब BRICS का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
सात साल बाद शी जिनपिंग का भारत दौरा और BRICS की नई दिल्ली बैठक—दोनों घटनाक्रम भारत-चीन संबंधों के साथ-साथ वैश्विक कूटनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं।
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