नई दिल्ली | 5 सितंबर 2026
ट्रेन में सफर के दौरान लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने को लेकर यात्रियों के बीच अक्सर विवाद हो जाता है। लोअर बर्थ पर सफर करने वाला यात्री कई बार नीचे की जगह को अपनी मानता है, जबकि मिडिल और अपर बर्थ के यात्री भी अपना सामान रखने के लिए इसी जगह का इस्तेमाल करना चाहते हैं। ऐसे में सवाल है कि रेलवे के नियम इस बारे में क्या कहते हैं?
क्या नीचे की जगह सिर्फ लोअर बर्थ वाले यात्री की है?
लोअर बर्थ के नीचे की जगह को लेकर यात्रियों में यह धारणा आम है कि वहां सामान रखने का अधिकार केवल लोअर बर्थ वाले यात्री का होता है। हालांकि, रेलवे के सामान्य लगेज नियमों में इस जगह को किसी एक यात्री के लिए अलग से आरक्षित किए जाने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
यात्रियों को अपना सामान निर्धारित सीमा और नियमों के अनुसार रखना होता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि सामान दूसरे यात्रियों की आवाजाही या सुविधा में बाधा न बने।
मिडिल और अपर बर्थ वाले यात्री भी रख सकते हैं सामान
अगर लोअर बर्थ के नीचे पर्याप्त जगह उपलब्ध है, तो मिडिल और अपर बर्थ के यात्री भी अपना सामान वहां रख सकते हैं। लेकिन सामान रखते समय लोअर बर्थ वाले यात्री की सुविधा और बाकी यात्रियों की जरूरत का भी ध्यान रखना चाहिए।
किसी एक यात्री द्वारा पूरी जगह पर कब्जा कर लेना और दूसरे यात्रियों को सामान रखने से रोकना उचित तरीका नहीं है।
सामान को लेकर विवाद हो तो क्या करें?
ट्रेन में सामान रखने को लेकर विवाद होने पर यात्रियों को आपस में बातचीत कर समस्या सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। मामला बढ़ने पर टीटीई या रेलवे स्टाफ की मदद ली जा सकती है। यात्री रेलवे की शिकायत एवं सहायता सेवा RailMadad/139 का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
- सामान निर्धारित सीमा और नियमों के अनुसार रखें।
- दूसरे यात्री की सीट या आने-जाने की जगह बाधित न करें।
- लोअर बर्थ के नीचे की जगह को लेकर अनावश्यक विवाद से बचें।
- महंगा या जरूरी सामान सुरक्षित रखें।
- विवाद बढ़ने पर रेलवे स्टाफ से सहायता लें।














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