
वाराणसी, 8 अगस्त : पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण काशी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार को गंगा का जलस्तर 63.36 मीटर दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर के कारण कई घाटों की सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं, जबकि कुछ घाटों का संपर्क भी टूट गया है।
तुलसी घाट, दशाश्वमेध घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट, शिवाला घाट सहित कई प्रमुख घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह स्थल तक पानी पहुंचने से अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है। जल पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें लगातार गंगा में गश्त कर लोगों को जागरूक कर रही हैं तथा गहरे पानी में स्नान नहीं करने की अपील कर रही हैं।
जलस्तर में वृद्धि के चलते गंगा तट स्थित कई घाटों की सीढ़ियां, चौकियां और छोटे-छोटे मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। शनिवार को शिवाला घाट का संपर्क अन्य घाटों से कट गया। हालांकि गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
नाविक समाज ने भी श्रद्धालुओं से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गहरे पानी में जाने से बचने तथा नौकायन के दौरान सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है। जिला प्रशासन, जल पुलिस, एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।













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