खेकड़ा 26 अगस्त 2026 । खेकड़ा तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच मुआवजे की दर पर सहमति नहीं बन सकी। किसानों ने अपनी जमीन के लिए बाजार दर से चार गुना मुआवजा दिए जाने की मांग रखी। हालांकि, बैठक के अंत तक मुआवजे की दर को लेकर अंतिम सहमति नहीं बन पाई।
भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने अपनी जमीन के उचित मुआवजे की मांग को प्रमुखता से रखा। किसानों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में जमीन का वास्तविक मूल्य अधिक है, इसलिए उन्हें उचित और न्यायसंगत मुआवजा मिलना चाहिए।
मुआवजे की दर पर अटका मामला
बैठक के दौरान किसानों की ओर से सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे की मांग रखी गई। किसानों ने अपनी मांग के समर्थन में अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा। प्रशासन की ओर से भी किसानों की समस्याएं और मांगें सुनी गईं।
हालांकि, बैठक के अंत तक मुआवजे की दर को लेकर कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में भूमि अधिग्रहण का मामला फिलहाल मुआवजे की दर पर अटका हुआ है।
किसानों ने रखी अपनी मांग
किसानों का कहना है कि उनकी जमीन उनके लिए महत्वपूर्ण है और अधिग्रहण की स्थिति में उन्हें ऐसा मुआवजा मिलना चाहिए, जिससे वे भविष्य में अपनी आजीविका को सुरक्षित रख सकें। किसानों ने प्रशासन से उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
बैठक में अधिकारियों ने किसानों की बात सुनी और मामले को आगे की प्रक्रिया के तहत देखने का आश्वासन दिया। अब आने वाली बैठकों में मुआवजे की दर को लेकर समाधान निकलने की उम्मीद है।
फिलहाल किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत जारी है और अंतिम निर्णय होने के बाद ही भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की स्थिति स्पष्ट होगी।














Leave a Reply