लखनऊ। गोमतीनगर में गुरुवार को हुई तीन मौतों की घटना ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विवेक खंड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर असिस्टेंट मैनेजर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस की शुरुआती जांच में शक उनके पति मानस बाजपेई पर गया है। घटना के कुछ समय बाद मानस अपने किराए के मकान पहुंचा, जहां उसकी बहन भी गोली लगने से घायल मिली। इसके बाद मानस ने कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। घटना में तीनों की मौत हो गई।
मामले में सबसे बड़ा सवाल मौके से बरामद तीन पिस्टल को लेकर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या सभी हथियारों का इस्तेमाल घटना में हुआ या घटनाक्रम के पीछे कोई दूसरा पहलू भी है। फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैंक के बाहर पत्नी को गोली मारने का आरोप
दिव्या मिश्रा आईसीआईसीआई बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थीं और आलमबाग क्षेत्र में रहती थीं। पुलिस के अनुसार, गुरुवार दोपहर मानस ने फोन कर उन्हें बैंक के बाहर मिलने के लिए बुलाया था। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई और इसके बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मानस ने दिव्या पर गोली चलाई। गंभीर रूप से घायल दिव्या को बैंक कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पति-पत्नी के बीच चल रहा था विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पहले दिव्या ने पति से तलाक के लिए अदालत में मामला भी दाखिल किया था।
पुलिस अब तलाक की कार्यवाही, दोनों के बीच चल रहे विवाद और घटना से पहले हुई बातचीत को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। अधिकारियों के अनुसार, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पत्नी के बाद बहन को भी गोली लगने की सूचना
दिव्या पर गोली चलने के बाद मानस हुसड़िया चौराहे के पास स्थित अपने किराए के मकान पहुंचा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वहां उसकी बहन को भी गोली लगी। इसके बाद मानस ने खुद को गोली मार ली।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घर पहुंचने के बाद घटनाक्रम किस क्रम में हुआ और गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई।
तीन पिस्टल मिलने से जांच में नया सवाल
घटनाक्रम से जुड़े स्थान से तीन पिस्टल बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह पता कर रही है कि इनमें से कितने हथियारों से फायरिंग हुई और ये हथियार किसके नाम पर हैं। हथियार मानस तक कैसे पहुंचे, इसकी भी जांच की जा रही है।
फॉरेंसिक टीम हथियारों, कारतूस, गोली और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गोली लगने की दिशा और दूरी समेत कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
WhatsApp स्टेटस की भी जांच
घटना के बाद मानस के WhatsApp स्टेटस को लेकर भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि स्टेटस में पत्नी की हत्या का दावा करते हुए पारिवारिक विवाद और धोखे का जिक्र किया गया था।
पुलिस अब यह सत्यापित कर रही है कि उक्त स्टेटस वास्तव में मानस ने ही लगाया था या नहीं और उसमें लिखी बातों का घटना से कितना संबंध है।
CCTV और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच
पुलिस बैंक और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इससे मानस के बैंक के बाहर पहुंचने, दिव्या से बातचीत और घटना के बाद उसके वहां से निकलने के रास्ते की जानकारी जुटाई जा रही है।
इसके अलावा घटनास्थल से जुटाए गए फिंगरप्रिंट, हथियार, कारतूस और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।