बड़ौत, 20 अगस्त 2026। यमुना खादर में सीमांकन के बाद हरियाणा प्रशासन द्वारा उत्तर प्रदेश की सीमा में पत्थर डाले जाने के आरोप को लेकर काकौर और बदरखा गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार को तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायती पत्र सौंपते हुए यूपी की सीमा में पत्थर डालने का काम तत्काल बंद कराने और पहले से डाले गए पत्थरों को हटवाने की मांग की।
ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा शिकायती पत्र
पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने बताया कि यमुना खादर क्षेत्र में सीमांकन के बाद सीमा निर्धारण के लिए पिलर लगाए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पिलर लगाए जाने के बाद हरियाणा प्रशासन की ओर से यूपी की सीमा में पत्थर डालने का काम शुरू कर दिया गया।
ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर इस कार्रवाई का विरोध किया और अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
यमुना की धारा बदलने का जताया खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि हरियाणा की ओर यमुना के कटान को रोकने के लिए यूपी की सीमा में पत्थर डाले जा रहे हैं। किसानों सुधीर, वीरेंद्र और हरपाल आदि ने आरोप लगाया कि यूपी की सीमा में पत्थर डालने से यमुना की धारा का रुख बदल सकता है।
उन्होंने आशंका जताई कि इससे उत्तर प्रदेश की ओर कटान बढ़ सकता है और किसानों की जमीन तथा खड़ी फसल यमुना की धारा में बहने का खतरा पैदा हो सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की कि यूपी की सीमा में पत्थर डालने का काम तत्काल रोका जाए और जो पत्थर पहले डाले जा चुके हैं, उन्हें भी हटवाया जाए।
एसडीएम ने जांच के लिए टीम भेजने का दिया आश्वासन
एसडीएम बाल कृष्ण सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए टीम को यमुना खादर क्षेत्र में भेजा जाएगा। टीम मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मौके पर जांच कराकर सीमा और पत्थर डाले जाने की स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है।














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