12 सितंबर 2026 | संभल, उत्तर प्रदेश

भारत में 5G नेटवर्क की शुरुआत हुए करीब चार साल हो चुके हैं। मोबाइल कंपनियां देशभर में तेज इंटरनेट और बेहतर कनेक्टिविटी का दावा कर रही हैं, लेकिन संभल जिले के सिंहपुर सानी गांव में ग्रामीण आज भी मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति से परेशान बताए जा रहे हैं।

गांव में एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया जैसी प्रमुख कंपनियों के सिम कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक नेटवर्क की समस्या किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है। दिन के समय भी सिग्नल कमजोर रहता है और रात में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है।

कॉल से लेकर इंटरनेट तक परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल कॉल करने में दिक्कत होती है। कई बार कॉल कनेक्ट नहीं होती या बातचीत के दौरान नेटवर्क गायब हो जाता है। इंटरनेट की स्पीड भी इतनी खराब बताई जा रही है कि सामान्य ऑनलाइन काम करने में भी परेशानी होती है।

डिजिटल दौर में मोबाइल नेटवर्क केवल मनोरंजन या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और जरूरी संचार के लिए भी ग्रामीणों को मोबाइल इंटरनेट पर निर्भर रहना पड़ता है।

5G के दावों के बीच बुनियादी नेटवर्क पर सवाल

एक तरफ देश 5G नेटवर्क के विस्तार और तेज कनेक्टिविटी की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सिंहपुर सानी जैसे गांवों में लोगों को बुनियादी मोबाइल नेटवर्क के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का सवाल है कि जब मोबाइल कंपनियां गांव-गांव तक बेहतर नेटवर्क पहुंचाने के दावे कर रही हैं, तो उनके गांव में नेटवर्क की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा?

ग्रामीणों ने संबंधित टेलीकॉम कंपनियों से नेटवर्क कवरेज की जांच कर आवश्यक सुधार करने की मांग की है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नेटवर्क की स्थिति का तकनीकी सर्वे कराया जाए और जरूरत के अनुसार नया मोबाइल टावर, अतिरिक्त साइट या नेटवर्क क्षमता बढ़ाने की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को दिन-रात बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News