11 सितंबर 2026 | सीतापुर, उत्तर प्रदेश
सीतापुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान दो भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद देर रात सियासी माहौल गरमा गया। नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ दोनों कार्यकर्ताओं को छुड़ाने के लिए आधी रात शहर कोतवाली पहुंचे। उनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी कोतवाली के बाहर जमा हो गए।
मामला बढ़ने के साथ ही कोतवाली परिसर में हंगामा और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
कार्यकर्ताओं की हिरासत पर भावुक हुए मंत्री
हिरासत में लिए गए भाजपा कार्यकर्ताओं की पहचान जितेंद्र मिश्रा और सौरभ मिश्रा के रूप में बताई गई है। कार्यकर्ताओं को छुड़ाने के दौरान राज्य मंत्री राकेश राठौर भावुक हो गए और मीडिया के सामने उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
मंत्री ने पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 32 मुकदमों के आरोपी और अतीक अहमद के गुर्गे बताए जाने वाले मुजीब अहमद को प्रशासन सम्मान देता है, जबकि भाजपा के कार्यकर्ताओं को हवालात में डाल दिया जाता है।
पुलिस ने बताई हिरासत की वजह
पुलिस के मुताबिक, दोनों कार्यकर्ताओं को अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान अधिकारियों के साथ कथित तौर पर अभद्रता करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पुलिस ने उनके साथ अनुचित कार्रवाई की।
बिना FIR दर्ज किए रिहाई
मंत्री के कोतवाली पहुंचने और बड़ी संख्या में समर्थकों के जमा होने के बाद देर रात दोनों हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनके खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की गई।
इस घटना ने सीतापुर में स्थानीय प्रशासन और सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है। मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।














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