सरधना, 20 सितंबर 2026। सरधना में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में कैराना सांसद इकरा हसन ने शिक्षा, बेटियों की पढ़ाई, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और भाईचारे पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में मेधावी छात्राओं का सम्मान और साइकिल वितरण किया गया। हालांकि, भाषण के अंतिम हिस्से में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उनका सियासी संदेश भी सामने आया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम का आयोजन सेंट चार्ल्स इंटर कॉलेज मैदान में किया गया। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सरधना विधायक अतुल प्रधान ने पहले आयोजन स्थल का निरीक्षण भी किया था।
शिक्षा को बताया आगे बढ़ने का सबसे बड़ा रास्ता
इकरा हसन ने अपने संबोधन की शुरुआत कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने के लिए आयोजकों का आभार जताते हुए की। उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान को महत्वपूर्ण अवसर बताया।
उन्होंने कहा कि आज आगे बढ़ने का सबसे बड़ा रास्ता शिक्षा है। उनके मुताबिक शिक्षा बच्चों और समाज को अंधेरे से निकालकर रोशनी की ओर ले जा सकती है। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की पढ़ाई पर जोर देते हुए अभिभावकों से अपनी बेटियों पर भरोसा करने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने की अपील की।
इकरा हसन ने छात्राओं के आत्मविश्वास की तारीफ करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के सामने खड़े होकर अपनी बात रखना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि अच्छे नंबर हासिल करना केवल शुरुआत है और वह चाहती हैं कि बेटियां आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर, जज और अपनी पसंद के दूसरे क्षेत्रों में जाएं।
अब्दुल कलाम के सपनों का किया जिक्र
कार्यक्रम का विषय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति और शिक्षा से जुड़ा था। इकरा हसन ने अपने संबोधन में डॉ. कलाम के जीवन और उनके सपनों का उल्लेख किया।
उन्होंने छात्राओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने डॉ. कलाम के चर्चित विचार का भी उल्लेख किया कि सपने वे नहीं होते जिन्हें व्यक्ति सोते हुए देखता है, बल्कि वे होते हैं जो उसे सोने नहीं देते।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर जोर
अपने भाषण में इकरा हसन ने महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अधिक संख्या में महिलाएं राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में आगे आएं तथा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
उन्होंने लोगों से महिलाओं का साथ देने और उन्हें आगे बढ़ाने की अपील की।
साइकिल को बताया सोच और मेहनत का प्रतीक
कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिल वितरण का जिक्र करते हुए इकरा हसन ने कहा कि साइकिल केवल आने-जाने का साधन नहीं है, बल्कि उनके लिए यह सोच, विश्वास और आगे बढ़ने की मेहनत का प्रतीक है।
उन्होंने युवाओं और समाज से मेहनत के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
भाईचारे और नफरत के मुद्दे पर बोलीं
भाषण के दौरान इकरा हसन ने भाईचारे की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि समाज में नफरत के बजाय प्यार और भाईचारे के जरिए जवाब दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग नफरत फैलाने और धार्मिक स्थलों को तोड़ने की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि इसका जवाब नफरत से नहीं बल्कि प्यार और भाईचारे से दिया जाना चाहिए।
PDA का जिक्र, 2027 को लेकर की अपील
भाषण के आगे के हिस्से में इकरा हसन ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA नारे का उल्लेख किया। उन्होंने इसे दलितों, अल्पसंख्यकों तथा पीड़ित और अपमानित लोगों से जुड़ी राजनीतिक पहचान के रूप में प्रस्तुत किया।
इसके बाद उन्होंने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है।
इकरा हसन ने सरधना विधायक अतुल प्रधान का नाम लेते हुए उन्हें दोबारा सदन में भेजने की अपील भी की।
शिक्षा के संदेश के साथ सामने आया चुनावी मुद्दा
भाषण के अंतिम हिस्से में इकरा हसन ने एक बार फिर शिक्षा को समाज की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया तो समाज पीछे रह जाएगा। उन्होंने लोगों से अपने इरादे मजबूत रखने और एकजुट रहने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मंच से समाजवादी पार्टी और पार्टी के नेताओं के समर्थन में नारे भी लगाए गए।
सरधना का यह कार्यक्रम शिक्षा, छात्राओं के सम्मान और साइकिल वितरण के साथ शुरू हुआ, लेकिन भाषण के अंतिम हिस्से में 2027 के विधानसभा चुनाव, PDA और स्थानीय विधायक अतुल प्रधान के समर्थन की राजनीतिक अपील भी सुनाई दी।















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