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शाह उपप्रधानमंत्री बनना चाहते थे , मोदी ने मना कर दिया : राउत

मुंबई, 14 अगस्त : शिवसेना(यूबीटी) नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने गुरुवार को चौंकाने वाला खुलासा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें उपप्रधानमंत्री बनाने की मांग की थी, लेकिन श्री मोदी ने मना कर दिया।
श्री राउत ने यहां अपेन बयान में आरोप लगाया कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने श्री शाह के दबाव में उनकी पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे को 5,000 करोड़ रुपये में बेच दिया। उन्होंने कहा “चुनाव आयोग ने अब तक चार राजनीतिक पार्टियां बेची हैं, जिनमें शिवसेना, शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा-एसपी), ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस और एक अन्य पार्टी शामिल है। अगर चुनाव आयोग पार्टियां बेच रहा है, तो इस देश में लोकतंत्र कैसे बचेगा? इस तरह के भ्रष्टाचार का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है, लेकिन पार्टियों का बिकना ही सबसे बड़ा सबूत है। हमने इस अन्याय के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की है।”
शिवसेना चुनाव चिह्न मामले में शीर्ष न्यायालय का फैसला सत्तारुढ़ पार्टी के पक्ष में ही आने संबंधी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री राउत ने कहा, “क्या जिन लोगों का कहना है कि शीर्ष न्यायालय का फैसला उनके पक्ष में होगा, उन्होंने न्यायालय को खरीद लिया है? जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गद्दारों से कहते हैं कि वे उनके साथ हैं, तो क्या वे यह संकेत दे रहे थे कि न्यायालय उनके पक्ष में फैसला सुनाएगा?”
इससे पहले महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बान ने कहा था कि शिवसेना(यूबीटी) के वकील कपिल सिब्बल ने कांग्रेस के लिए कई मामलों में बहस की है और हारे हैं। उन्होंने कहा “वे (कपिल सिब्बल) बाबरी मामले, तीन तलाक, नोटबंदी के खिलाफ याचिका और गुजरात दंगों के मामले जैसे मामलों में हारे थे। इसलिए संजय राउत की खुशी ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। राम मंदिर मामले के दौरान, कपिल सिब्बल ने हिंदुओं के खिलाफ बहस की थी, लेकिन वे हार गये थे। लोगों ने पहले ही तय कर लिया है कि असली शिवसेना वही पार्टी है जिसका नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना वह पार्टी है जो दिवंगत बाल ठाकरे की विचारधारा पर चलती है और इसे पैसे से नहीं खरीदा जा सकता। उन्होंने कहा , “संजय राउत को यह बताना चाहिए कि उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को कांग्रेस को कितने हजार करोड़ रुपये में बेचा। मेरे पास जानकारी है कि संजय राउत ने शिवसेना को कांग्रेस को 10,000 करोड़ रुपये में बेचने का सौदा किया था, जिसमें से उन्होंने 2,000 करोड़ रुपये कमीशन के तौर पर लिए।”

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