लेह, 5 सितंबर 2026। लद्दाख की प्रमुख सामाजिक संस्था लेह एपेक्स बॉडी (LAB) ने केंद्र सरकार के साथ होने वाली आगामी बैठक से पहले आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है। संस्था ने कहा है कि अगर उसकी प्रमुख मांगों को लेकर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती है, तो वह अपने आंदोलन को और व्यापक रूप दे सकती है।
LAB की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब 9 सितंबर को दिल्ली में गृह मंत्रालय के साथ उप-समिति की बैठक प्रस्तावित है। संस्था की नजर अब इस बैठक के नतीजों पर है।
क्या हैं LAB की प्रमुख मांगें?
लेह एपेक्स बॉडी लद्दाख के लिए कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और प्रशासनिक मांगें उठा रही है। इनमें केंद्र शासित प्रदेश के स्तर पर लद्दाख के लिए कानून बनाने की मांग प्रमुख है।
इसके अलावा संस्था संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत लद्दाख को विशेष संरक्षण देने की मांग कर रही है। LAB का कहना है कि क्षेत्र की पहचान, जमीन और स्थानीय लोगों के हितों की सुरक्षा के लिए मजबूत संवैधानिक प्रावधान जरूरी हैं।
पिछले साल की हिंसा का मुद्दा भी अहम
LAB ने पिछले वर्ष 24 सितंबर को हुई हिंसा से जुड़े मामलों को वापस लेने की भी मांग की है। संस्था हिंसा में प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे और पूरे घटनाक्रम की जांच से जुड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी कर रही है।
9 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर
अब LAB और केंद्र सरकार के बीच 9 सितंबर को होने वाली बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संस्था ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर बातचीत के जरिए उसकी मांगों पर संतोषजनक प्रगति नहीं होती है, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
ऐसे में बैठक के बाद सरकार का रुख और LAB की अगली रणनीति लद्दाख की राजनीति और सामाजिक माहौल के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।














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