पटना, 5 सितंबर: बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। पटना के गांधी घाट पर गंगा ने अपना उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Mark) पार कर लिया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को सतर्क रहने और नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बीच केंद्रीय जल आयोग और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 6 सितंबर की सुबह 8 बजे तक और बढ़कर 50.62 सेंटीमीटर तक पहुंच सकता है। ऐसे में आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार बढ़ रहा है गंगा का जलस्तर
पटना के गांधी घाट को गंगा के जलस्तर की निगरानी के लिए प्रमुख बिंदुओं में माना जाता है। यहां नदी का जलस्तर बढ़ने का सीधा असर शहर के निचले इलाकों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण घाटों के आसपास पानी का फैलाव बढ़ रहा है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
निचले इलाकों में बढ़ी चिंता
गंगा का पानी बढ़ने के साथ पटना के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर में और वृद्धि होने पर कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन संभावित स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है।
बाढ़ की स्थिति में सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो सकती है जो नदी के किनारे या निचले क्षेत्रों में रहते हैं। स्थानीय प्रशासन को ऐसे इलाकों में आवश्यक तैयारियां रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि वे गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी में जाने या घाटों के आसपास अनावश्यक रूप से भीड़ लगाने से बचें। नाव से यात्रा करने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
अधिकारियों के अनुसार नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
आगे और बढ़ सकता है जलस्तर
सबसे बड़ी चिंता यह है कि गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर अभी और बढ़ने का अनुमान है। 6 सितंबर सुबह 8 बजे तक जलस्तर 50.62 सेंटीमीटर तक बढ़ने का पूर्वानुमान स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रहती है तो पटना के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि का असर केवल पटना तक सीमित नहीं रहता, बल्कि नदी से जुड़े आसपास के क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की सतर्कता भी बेहद महत्वपूर्ण है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित रहें, नदी के किनारे जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आने वाले 24 घंटे पटना और आसपास के गंगा तटवर्ती इलाकों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।