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‘बोस्निया का कसाई’ रात्को म्लादिच की जेल में मौत, 84 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

द हेग, 28 अगस्त 2026। बोस्निया युद्ध के दौरान स्रेब्रेनिका नरसंहार और साराजेवो की घेराबंदी में भूमिका के लिए दोषी ठहराए गए पूर्व बोस्नियाई सर्ब जनरल रात्को म्लादिच की 84 वर्ष की उम्र में जेल में मौत हो गई। उन्हें युद्ध अपराधों के चलते उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

म्लादिच को 1990 के दशक के बोस्निया युद्ध के दौरान गैर-सर्ब आबादी के खिलाफ किए गए कथित जातीय सफाए के अभियान में उनकी भूमिका के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोषी ठहराया गया था। उन्हें मीडिया में ‘बोस्निया का कसाई’ के नाम से भी जाना जाता था।

2017 में हुई थी दोषसिद्धि

पूर्व यूगोस्लाविया के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण (ICTY) ने वर्ष 2017 में म्लादिच को दोषी ठहराया था। न्यायाधिकरण ने उन्हें नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध, उत्पीड़न, हत्या, नागरिकों पर गैर-कानूनी हमले, आतंक और बंधक बनाने सहित कई गंभीर अपराधों का दोषी पाया था।

म्लादिच पर बोस्निया युद्ध के दौरान सर्ब बलों का नेतृत्व करने और स्रेब्रेनिका में हुए नरसंहार तथा साराजेवो की लंबे समय तक चली घेराबंदी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप साबित हुए थे।

संयुक्त राष्ट्र हिरासत इकाई में काट रहा था उम्रकैद

म्लादिच के वकील ड्रैगन इवेतिच के अनुसार, उनकी मौत द हेग स्थित संयुक्त राष्ट्र हिरासत इकाई में हुई, जहां वह उम्रकैद की सजा काट रहे थे। बताया गया कि उन्होंने हिरासत में 15 साल से अधिक समय बिताया।

उनके वकीलों की ओर से पहले भी स्वास्थ्य संबंधी आधार पर उनकी रिहाई की मांग की जाती रही थी।

‘अकल्पनीय बर्बरता’ बताया गया था

म्लादिच के खिलाफ आरोप तय किए जाने के समय ICTY के न्यायाधीश फुआद रियाद ने उनके खिलाफ लगाए गए अपराधों को ‘अकल्पनीय बर्बरता’ करार दिया था।

रात्को म्लादिच का नाम बोस्निया युद्ध और स्रेब्रेनिका नरसंहार के सबसे विवादित और कुख्यात सैन्य नेताओं में शामिल रहा। उनकी मौत के साथ बोस्निया युद्ध से जुड़े एक प्रमुख दोषी व्यक्ति का जीवन समाप्त हो गया।

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