Baghpat Wire

बागपत की ताज़ा खबरें | बड़ौत, खेकड़ा, छपरौली और उत्तर प्रदेश

Advertisement

पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 1000 रुपये तक पहुंचने का खतरा, ईंधन संकट से बढ़ी चिंता

इस्लामाबाद, 23 सितंबर । पाकिस्तान में गंभीर ईंधन संकट और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल के दाम में भारी उछाल की आशंका जताई गई है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने चेतावनी दी है कि यदि देश में ईंधन की किल्लत और गहराती है तो पेट्रोल की कीमत 1,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है।

वर्तमान में पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 389.14 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल करीब 424 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर पाकिस्तान के घरेलू ईंधन बाजार पर पड़ रहा है।

संघर्ष के बाद पेट्रोल के दाम में बड़ी बढ़ोतरी

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के समय पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 258.17 रुपये प्रति लीटर थी। इसके बाद पेट्रोल की कीमत में करीब 51 प्रतिशत यानी 131 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।

ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों के बजट पर पड़ रहा है। पाकिस्तान सरकार की ओर से निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को राहत देने के लिए सब्सिडी योजना भी शुरू की गई है।

मोटरसाइकिल और छोटी कारों के लिए सब्सिडी

पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक सरकार ने मोटरसाइकिल, रिक्शा और 800 सीसी तक की कारों का इस्तेमाल करने वाले पात्र निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए सब्सिडी योजना शुरू की है।

इस योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को प्रति लीटर 100 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। सरकार के अनुसार अब तक 17.5 लाख से अधिक लोग इस योजना के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।

घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी

पाकिस्तान सरकार पेट्रोलियम संकट से निपटने के लिए घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि नए तेल कुओं पर काम शुरू कर दिया गया है।

सरकार को उम्मीद है कि अक्टूबर तक स्थानीय स्तर पर उत्पादित कच्चा तेल उपलब्ध हो सकता है। इससे आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है।

पेट्रोल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है पाकिस्तान

पाकिस्तान अपनी ईंधन जरूरतों के लिए मुख्य रूप से आयातित परिष्कृत तेल पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव का सीधा असर देश के घरेलू बाजार पर पड़ता है।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पाकिस्तान ने करीब 53.5 लाख टन पेट्रोल का आयात किया। यह देश में हुई कुल पेट्रोल बिक्री का लगभग 69.7 प्रतिशत हिस्सा था।

ऐसे में वैश्विक तेल कीमतों में लगातार तेजी और घरेलू ईंधन संकट पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाने और सब्सिडी के जरिए आम उपभोक्ताओं पर बढ़ते बोझ को कम करने की कोशिश कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *