गोंडा, 19 सितंबर 2026: कैसरगंज के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि के उत्पादों को लेकर एक बार फिर तीखी टिप्पणी की है। गोंडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने पतंजलि के घी और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उनके इन बयानों के बीच पतंजलि फूड्स की ओर से उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा भी चल रहा है।
पतंजलि के उत्पादों पर बृजभूषण का निशाना
बृजभूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव के पतंजलि ब्रांड पर तंज कसते हुए कई तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने दावा किया कि पतंजलि के कई उत्पाद बाजार से बंद हो चुके हैं। इसी दौरान उन्होंने घी की कीमत और उसकी शुद्धता को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कथित तौर पर कहा, “दवा बंद हो गई, घी बंद हो गया, केवल चड्डी बची है, बाकी सब बंद हो गया।”
हालांकि, यह बयान बृजभूषण शरण सिंह की टिप्पणी है और इसे पतंजलि के उत्पादों के वास्तव में बंद होने की स्वतंत्र पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
देसी घी को लेकर लगाए गंभीर आरोप
बृजभूषण शरण सिंह ने देसी घी की शुद्धता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि विदेशों से आने वाले कचरे को रिफाइन कर खाद्य पदार्थों में मिलाया जा रहा है। उन्होंने इसी संदर्भ में कनाडा और सिंगापुर का भी उल्लेख किया।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। इसलिए इन्हें बृजभूषण शरण सिंह द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
50 करोड़ के मानहानि मुकदमे का जिक्र
बृजभूषण शरण सिंह और पतंजलि के बीच विवाद अब कानूनी स्तर तक पहुंच चुका है। पंतजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किया है। कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके सार्वजनिक बयानों से कंपनी की प्रतिष्ठा और कारोबार को नुकसान पहुंचा।
यह मामला पहले जिला अदालत में चला और बाद में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से जुड़े विवाद के कारण हाईकोर्ट तक पहुंचा। रिपोर्टों के अनुसार मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई है।
बोले- सजा हुई तो जेल जाने को तैयार
मानहानि मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि अदालत उन्हें सजा देकर जेल भेजती है तो वह जेल जाने के लिए तैयार हैं और जमानत नहीं करवाएंगे। उनका कहना है कि इससे मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।
उन्होंने नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
विवाद के बीच दोनों पक्षों के दावे
इस पूरे मामले में एक तरफ बृजभूषण शरण सिंह पतंजलि के उत्पादों और खासकर घी की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पतंजलि फूड्स ने उनके आरोपों को गलत और कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। मानहानि का मुकदमा इसी विवाद से जुड़ा है।
अभी अदालत की ओर से इस विवाद में अंतिम फैसला नहीं आया है। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों को उनके संबंधित पक्षों के बयान के रूप में देखना जरूरी है।














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