प्रकाशन तिथि: 29 सितंबर 2026 | Baghpat Wire
बागपत। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी की राजनीति में गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी कड़ी में बागपत जनपद के करीब एक दर्जन प्रमुख जाट चौधरियों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में मुलाकात की। मेरठ जनपद के जोहड़ी गांव के चौधरी लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लेने की बात कही।
इस मुलाकात में किसानों, नौजवानों और जाट समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसानों और नौजवानों को न्याय दिलाने तथा जाट समाज को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए समाजवादी पार्टी को समर्थन दिया जाएगा। चौधरियों ने अखिलेश यादव के प्रति विश्वास जताते हुए पिछली समाजवादी सरकार के दौरान किसानों को मिली सुविधाओं का भी उल्लेख किया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज और किसानों की राजनीतिक भूमिका को देखते हुए इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हुई एक महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधि के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल की ओर से व्यक्त किया गया समर्थन उसके सदस्यों का राजनीतिक संकल्प है।
लखनऊ में अखिलेश यादव को पगड़ी पहनाकर किया सम्मानित
मेरठ जनपद के जोहड़ी गांव के चौधरी लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में बागपत जनपद के करीब दर्जनभर प्रमुख जाट चौधरी लखनऊ पहुंचे। यहां समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहनाकर उनका सम्मान किया।
मुलाकात के दौरान जाट समाज, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को समर्थन देने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनाने और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
इस मुलाकात में शामिल चौधरियों ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही। उनका कहना था कि किसानों को खेती से जुड़े जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
85 और 87 वर्ष के बुजुर्ग चौधरी भी रहे मौजूद
अखिलेश यादव से मुलाकात करने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में बागपत और आसपास के क्षेत्र के कई वरिष्ठ और प्रमुख लोग शामिल रहे। इनमें 85 वर्षीय कालूराम पुत्र बलजीत सिंह और 87 वर्षीय चौधरी हरेंद्र सिंह विशेष रूप से शामिल थे। इसके अलावा 85 वर्षीय पदम सिंह और 82 वर्षीय ब्रह्म सिंह ने भी प्रतिनिधिमंडल में हिस्सा लिया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोगों के नाम इस प्रकार हैं:
- चौधरी लक्ष्मण सिंह, जोहड़ी गांव, मेरठ (प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्वकर्ता)
- कालूराम पुत्र बलजीत सिंह, उम्र 85 वर्ष, जोहड़ी गांव
- चौधरी हरेंद्र सिंह, उम्र 87 वर्ष
- पदम सिंह पुत्र हरिनारायण, उम्र 85 वर्ष, फतेहपुर पुट्टी
- ब्रह्म सिंह पुत्र विजय सिंह, उम्र 82 वर्ष, जोहड़ी गांव
- लोकेन्द्र सिंह, पूर्व प्रधान, फतेहपुर पुट्टी
- जगपाल तोमर, विजवाड़ा, छपरौली
- राजीव सिंह, आरिफपुर खेड़ी
- सुभाष मलिक, बड़ौत
- प्रदीप तोमर, जोहड़ी गांव
- चंद्रपाल श्री यशमान, अंगदपुर गांव
प्रतिनिधिमंडल में बुजुर्ग चौधरियों के साथ-साथ विभिन्न गांवों के अन्य प्रमुख लोग भी शामिल रहे। मुलाकात के दौरान सभी ने किसानों और ग्रामीण समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
2027 में सपा सरकार बनाने का लिया संकल्प
लखनऊ में हुई मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट किया। चौधरियों ने समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लेने की बात कही।
प्रतिनिधिमंडल की ओर से कहा गया कि किसानों और नौजवानों को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही जाट समाज को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए समाजवादी पार्टी को समर्थन देने की बात कही गई।
चौधरियों ने कहा कि किसानों को अखिलेश यादव पर विश्वास है। उनके अनुसार, पिछली समाजवादी सरकार के दौरान किसानों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। इसी आधार पर उन्होंने आगामी चुनाव में भी समाजवादी पार्टी के प्रति अपना समर्थन जताया।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। पश्चिमी यूपी में किसान और जाट समाज से जुड़े नेताओं की मुलाकातें भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन रही हैं।
किसानों के मुद्दों पर हुई चर्चा, सिंचाई और खाद की उपलब्धता का जिक्र
प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों का उल्लेख किया। इनमें सिंचाई, खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता प्रमुख रहे।
चौधरियों का कहना था कि खेती-किसानी से जुड़े इन संसाधनों की उपलब्धता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। किसानों को समय पर खाद, बीज और कीटनाशक मिलने चाहिए, ताकि उन्हें खेती के दौरान अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
प्रतिनिधिमंडल ने पिछली समाजवादी सरकार के दौरान किसानों को मिली सुविधाओं का भी उल्लेख किया। सदस्यों के मुताबिक, अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में किसानों के हित में कई कदम उठाए गए थे। इसी वजह से किसानों के बीच उनके प्रति विश्वास बना हुआ है।
हालांकि, मुलाकात के दौरान उठाए गए मुद्दों पर किसी नई सरकारी घोषणा या नीतिगत फैसले की जानकारी नहीं दी गई। यह बातचीत मुख्य रूप से किसानों की समस्याओं और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रतिनिधिमंडल के राजनीतिक संकल्प पर केंद्रित रही।
चौधरी चरण सिंह की नीतियों का भी किया उल्लेख
अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह की नीतियों का भी उल्लेख किया। चौधरियों ने कहा कि अखिलेश यादव चौधरी चरण सिंह की नीतियों के पक्षधर हैं और उन्हें आगे बढ़ाने की बात करते हैं।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, किसानों के हितों और ग्रामीण समाज के विकास से जुड़ी नीतियां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हैं। चौधरी चरण सिंह का नाम किसान राजनीति में विशेष स्थान रखता है। ऐसे में प्रतिनिधिमंडल ने उनकी नीतियों को आगे बढ़ाने की बात को भी अपनी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनाया।
चौधरियों ने किसानों के हितों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को समर्थन देने के पीछे किसानों और ग्रामीण समाज के मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
पश्चिमी यूपी में चुनाव से पहले बढ़ रही राजनीतिक गतिविधियां
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान और जाट समाज से जुड़े नेताओं की राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। बागपत और मेरठ सहित पश्चिमी यूपी के कई क्षेत्रों में किसान संगठनों, खापों और सामाजिक प्रतिनिधियों की राजनीतिक गतिविधियां चर्चा में हैं।
सितंबर में भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों और विभिन्न खापों के चौधरियों ने अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। अब बागपत जनपद के प्रमुख जाट चौधरियों की लखनऊ में हुई मुलाकात ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों को फिर चर्चा में ला दिया है।
इस मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने खुलकर समाजवादी पार्टी के समर्थन और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की अपनी इच्छा जाहिर की। हालांकि, इस मुलाकात के आधार पर पूरे जाट समाज या सभी किसानों की राजनीतिक पसंद का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
बागपत की राजनीति में मुलाकात की चर्चा
बागपत जनपद की राजनीति में किसान और जाट समाज की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में जिले के प्रमुख चौधरियों की अखिलेश यादव से मुलाकात और 2027 में सपा सरकार बनाने का संकल्प राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है।
प्रतिनिधिमंडल में बड़ौत, छपरौली और विभिन्न गांवों से जुड़े लोगों की भागीदारी रही। इसके साथ ही मेरठ के जोहड़ी गांव के वरिष्ठ चौधरी लक्ष्मण सिंह ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
मुलाकात के दौरान किसानों की समस्याओं, नौजवानों को न्याय और जाट समाज के सम्मान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इन मुद्दों के समाधान के लिए समाजवादी पार्टी को समर्थन देने की बात कही।
आगामी विधानसभा चुनाव में इस मुलाकात का राजनीतिक प्रभाव क्या होगा, यह भविष्य में स्पष्ट होगा। फिलहाल, बागपत के प्रमुख चौधरियों की इस मुलाकात ने पश्चिमी यूपी में 2027 के चुनाव से पहले सपा के समर्थन में सामने आए एक राजनीतिक संकल्प को उजागर किया है।
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