प्रयागराज, 20 अगस्त। संगम नगरी प्रयागराज और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही मानसूनी बारिश के चलते गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से गुरुवार सुबह आठ बजे जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में 23 से 26 सेंटीमीटर तक की वृद्धि हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि नदियां अभी खतरे के निशान से करीब चार से पांच मीटर नीचे बह रही हैं। जिले के प्रमुख तटबंध भी फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं।
फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.57 मीटर
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में बाढ़ के खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है। फाफामऊ मापन केंद्र पर गंगा का जलस्तर 80.57 मीटर दर्ज किया गया है। यहां पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 26 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। इस क्षेत्र में 21.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
नैनी में यमुना का जलस्तर 79.93 मीटर
नैनी में यमुना का जलस्तर 79.93 मीटर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर 25 सेंटीमीटर बढ़ा है। नैनी क्षेत्र में इस दौरान करीब 9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
छतनाग में गंगा 79.54 मीटर पर
छतनाग मापन केंद्र पर गंगा का जलस्तर 79.54 मीटर दर्ज किया गया है। यहां भी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बीते 24 घंटे में 23 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि क्षेत्र में 18 मिलीमीटर बारिश हुई।
तटबंधों पर लगातार निगरानी
गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील तटीय क्षेत्रों और सुरक्षा बांधों पर तकनीकी टीमों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। सलोरी, छोटा बघाड़ा, दारागंज और नैनी के तटवर्ती इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जिले के प्रमुख तटबंध फिलहाल मजबूत और सुरक्षित स्थिति में हैं। अभी तक किसी तटबंध में रिसाव या कटाव की सूचना नहीं मिली है।
बाढ़ चौकियां और कंट्रोल रूम सक्रिय
जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। कंट्रोल रूम के माध्यम से जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाए।
निचले घाटों तक पहुंचा पानी, बस्तियों को फिलहाल खतरा नहीं
जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों की निचली सीढ़ियों तक पानी का फैलाव हुआ है। हालांकि प्रशासन के मुताबिक, अभी रिहायशी बस्तियों के लिए किसी तरह का खतरा नहीं है। इसके बावजूद तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने नाविकों और नदी किनारे जाने वाले लोगों से गहरे पानी में जाने से बचने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश और जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आने वाले घंटों में भी नदियों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
फिलहाल प्रयागराज में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर और मौसम की स्थिति के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।














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