5 अक्टूबर 2026 | Baghpat Wire
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के एक बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा शुरू हो गई है। दिग्विजय सिंह ने भारत में हिंदू पहचान को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत में एक भी हिंदू नहीं है। उनके इस बयान के बाद इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में ‘हिंदू’ शब्द की उत्पत्ति और उसके ऐतिहासिक इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शब्द फारसी भाषा से आया है।
दिग्विजय सिंह के अनुसार, ‘हिंदू’ शब्द का संबंध मूल रूप से सिंधु नदी के पार रहने वाले लोगों से था। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में यह शब्द किसी धार्मिक पहचान के बजाय एक भौगोलिक पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। बाद में समय के साथ इस शब्द का संबंध धार्मिक पहचान से जुड़ गया।
कांग्रेस नेता ने इसी संदर्भ में खुद को और संबंधित धार्मिक पहचान को सनातनी बताया। उनके बयान के मुताबिक, ‘हिंदू’ शब्द की जगह सनातन पहचान को समझना जरूरी है।
‘हिंदू’ शब्द को लेकर दिग्विजय सिंह की दलील
दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में ‘हिंदू’ शब्द की उत्पत्ति को लेकर अपनी व्याख्या रखी। उन्होंने कहा कि यह शब्द फारसी भाषा से आया है और इसका इस्तेमाल सिंधु नदी के पार रहने वाले लोगों के लिए किया जाता था।
उनके अनुसार, शुरुआत में ‘हिंदू’ शब्द का इस्तेमाल लोगों की भौगोलिक पहचान बताने के लिए किया जाता था। यानी यह पहचान उस क्षेत्र से जुड़ी थी जहां सिंधु नदी के पार रहने वाले लोगों का उल्लेख किया जाता था।
दिग्विजय सिंह ने इसी आधार पर कहा कि बाद के समय में ‘हिंदू’ शब्द का संबंध धार्मिक पहचान से जुड़ गया। उन्होंने अपने बयान में इस बदलाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज यह शब्द एक धार्मिक पहचान के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
‘भारत में एक भी हिंदू नहीं है’ बयान से विवाद
दिग्विजय सिंह का यह कहना कि ‘भारत में एक भी हिंदू नहीं है’, उनके बयान का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है। इसी बयान को लेकर विवाद शुरू हुआ है।
उनका तर्क यह है कि ‘हिंदू’ शब्द मूल रूप से धार्मिक पहचान नहीं बल्कि सिंधु नदी के पार रहने वाले लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द था। उनके मुताबिक, समय बीतने के साथ इस शब्द को धार्मिक पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा।
दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में इसी ऐतिहासिक और भाषाई संदर्भ के आधार पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि बाद में यह शब्द धार्मिक पहचान से जुड़ गया और उन्होंने खुद को सनातनी बताया।
सनातनी पहचान पर दिया जोर
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में ‘सनातनी’ पहचान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि खुद को हिंदू कहने के बजाय वे सनातनी हैं।
उनके बयान में ‘हिंदू’ और ‘सनातन’ शब्दों के बीच अंतर की बात सामने आती है। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, ‘हिंदू’ शब्द की शुरुआत भौगोलिक पहचान के संदर्भ में हुई थी, जबकि बाद में इसका इस्तेमाल धार्मिक पहचान के तौर पर होने लगा।
उन्होंने इसी संदर्भ में खुद को सनातनी बताया। उनके बयान का केंद्र ‘हिंदू’ शब्द की उत्पत्ति और उसके बदलते अर्थ पर रहा।
बयान के बाद राजनीतिक चर्चा
दिग्विजय सिंह के इस बयान के सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। बयान में उन्होंने जिस तरह ‘हिंदू’ शब्द की उत्पत्ति और उसके धार्मिक पहचान से जुड़ने की बात कही है, उसे लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
हालांकि, इस खबर में दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्क को ही आधार बनाया गया है। उनके बयान को किसी स्वतंत्र निष्कर्ष के रूप में नहीं बल्कि दिग्विजय सिंह की ओर से रखे गए दावे और व्याख्या के तौर पर देखा जाना चाहिए।
क्या कहा दिग्विजय सिंह ने?
दिग्विजय सिंह की बात का मुख्य आधार ‘हिंदू’ शब्द की उत्पत्ति है। उन्होंने कहा कि यह शब्द फारसी भाषा से आया और सिंधु नदी के पार रहने वाले लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, उस समय इसका इस्तेमाल धार्मिक पहचान के तौर पर नहीं था।
उन्होंने आगे कहा कि बाद में यह शब्द धार्मिक पहचान से जुड़ गया। इसी संदर्भ में उन्होंने अपनी पहचान को सनातनी बताया।
इस बयान के जरिए दिग्विजय सिंह ने ‘हिंदू’ शब्द के भाषाई और ऐतिहासिक इस्तेमाल तथा ‘सनातनी’ पहचान के बीच अंतर की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उनका बयान सामने आने के बाद इसी मुद्दे को लेकर विवाद और चर्चा शुरू हुई है।
बयान के मायने पर बहस
दिग्विजय सिंह के बयान ने एक बार फिर ‘हिंदू’ शब्द की उत्पत्ति, उसके इस्तेमाल और धार्मिक पहचान से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है। उनके मुताबिक, शब्द की शुरुआत एक भौगोलिक संदर्भ से हुई थी और बाद में उसका इस्तेमाल धार्मिक पहचान के तौर पर होने लगा।
वहीं, उनका यह कहना कि ‘भारत में एक भी हिंदू नहीं है’ बयान का वह हिस्सा है जिस पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। उन्होंने इसी के साथ खुद को सनातनी बताया है।
फिलहाल दिग्विजय सिंह का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। बयान में उन्होंने ‘हिंदू’ शब्द की फारसी उत्पत्ति, सिंधु नदी के पार रहने वाले लोगों से इसके संबंध और बाद में इसके धार्मिक पहचान से जुड़ने की अपनी व्याख्या सामने रखी है।
Digvijay Singh, दिग्विजय सिंह, Hindu, हिंदू बयान, Sanatan, सनातनी, Congress, कांग्रेस, Political News, India News
#DigvijaySingh #Hindu #Sanatan #Congress #PoliticalNews #IndiaNews #BreakingNews