नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026। बुंदेलखंड लंबे समय से पानी की कमी, अनियमित वर्षा और सिंचाई की सीमित सुविधाओं जैसी चुनौतियों का सामना करता रहा है। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से केन-बेतवा लिंक परियोजना (KBLP) को आकार दिया जा रहा है। यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से जुड़ी देश की प्रमुख नदी जोड़ो परियोजनाओं में शामिल है।
परियोजना के तहत केन नदी के पानी को बेतवा नदी के क्षेत्र तक पहुंचाने की योजना है। इसके लिए मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिलों में केन नदी पर दौधन बांध तथा उससे जुड़ी लिंक नहर और अन्य जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। आधिकारिक परियोजना प्राधिकरण के अनुसार परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹44,605 करोड़ है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना क्या है?
केन-बेतवा लिंक परियोजना का उद्देश्य केन नदी से पानी को बेतवा नदी के बेसिन तक पहुंचाना है, ताकि पानी की कमी वाले बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता को मजबूत किया जा सके।
यह परियोजना राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना के तहत नदी जोड़ो परियोजनाओं में निर्माण के चरण तक पहुंचने वाली पहली प्रमुख परियोजना है। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों को लाभ पहुंचाने की योजना है।
परियोजना में क्या-क्या बनाया जाएगा?
परियोजना के प्रमुख हिस्से में मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिलों में केन नदी पर 96.7 मीटर ऊंचा दौधन बांध शामिल है। यह स्थान खजुराहो से लगभग 40 किलोमीटर दूर है।
दौधन बांध से लगभग 218.695 किलोमीटर लंबी केन-बेतवा लिंक नहर निकलेगी, जो झांसी के पास बरुआ सागर क्षेत्र तक पहुंचेगी। इसके अलावा परियोजना में लोअर ऑर्र परियोजना, कोठा बैराज और बीना कॉम्प्लेक्स बहुउद्देशीय परियोजना भी शामिल हैं।
परियोजना में मौजूदा नहर प्रणालियों के सुधार, जल संरचनाओं के विकास तथा सिंचाई और पेयजल से संबंधित अन्य कार्य भी शामिल हैं।
परियोजना की लागत कितनी है?
केन-बेतवा लिंक परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹44,605 करोड़ है। केंद्र सरकार ने परियोजना के लिए ₹39,317 करोड़ के केंद्रीय समर्थन को मंजूरी दी है, जिसमें अनुदान और ऋण दोनों शामिल हैं।
बुंदेलखंड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?
बुंदेलखंड में लंबे समय से पानी की कमी और सूखे जैसी परिस्थितियां बड़ी चुनौती रही हैं। अनियमित बारिश और सीमित सिंचाई सुविधाओं के कारण कृषि और ग्रामीण आजीविका प्रभावित होती रही है।
केन-बेतवा परियोजना का उद्देश्य इस क्षेत्र में जल सुरक्षा को मजबूत करना है। आधिकारिक परियोजना विवरण के अनुसार इससे 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और लगभग 62 लाख लोगों को पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना से 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का भी प्रावधान है।
किन राज्यों और जिलों को मिलेगा लाभ?
परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से जुड़ी है। मध्य प्रदेश में पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी और रायसेन सहित कई जिलों को परियोजना से लाभ मिलने की योजना है।
उत्तर प्रदेश में बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर जैसे जिले परियोजना के लाभ क्षेत्र में शामिल हैं।
परियोजना की मौजूदा स्थिति
केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण के अनुसार 30 जून 2026 तक दौधन बांध से जुड़े निर्माण कार्य आगे बढ़ रहे थे। लिंक नहर के लिए भी EPC टेंडर से संबंधित प्रक्रिया चल रही थी और भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास से जुड़े कार्य जारी थे।
क्या बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर?
परियोजना पूरी होने के बाद सरकार को उम्मीद है कि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने और पानी की कमी के कारण होने वाले पलायन को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
इस लिहाज से केन-बेतवा लिंक परियोजना केवल दो नदियों को जोड़ने की योजना नहीं है, बल्कि इसे बुंदेलखंड की जल सुरक्षा, सिंचाई, पेयजल और क्षेत्रीय विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।














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